अब संजय कांकड़ा करवा रहे हैं रेल प्रशासन की बदनामी।

  • महिला कर्मचारी के साथ अश्लील वीडियो का मामला प्रकाश में आने के बाद जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
  • किशनगढ़ में सरकारी स्कूल की दो बालिकाओं को पीटने वाला शिक्षक परमेश्वर जाट गिरफ्तार।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : अजमेर के ब्यावर में तैनात डीएसपी हीरालाल सैनी और जयपुर कमिश्नरेट की महिला कांस्टेबल का स्विमिंग पूल वाला अश्लील वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बना था। पुलिस की बदनामी करवाने के लिए सरकार ने इन दोनों को पिछले दिनों नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

अब रेलवे की बदनामी करवाने का एक अश्लील वीडियो का मामला प्रकाश में आया है। अजमेर रेल मंडल में डीसीएमआई के पद पर तैनात संजय कांकड़ा का एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील वीडियो है, इसकी शिकायत महिला कर्मचारी के पति ने जयपुर स्थित कोतवाली पुलिस थाने पर दर्ज करवाई। इस शिकायत में कहा गया कि उसकी पत्नी अलग रह रही है और घर पर रेल अधिकारी संजय कांकड़ा आते हैं। 6 वर्षीय पुत्र भी पत्नी के साथ ही रहता है। अश्लील वीडियो घर में रखे लैपटॉप, मोबाइल आदि उपकरणों में हैं। ऐसे में 6 वर्षीय बच्चे पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

पति की शिकायत पर जयपुर पुलिस ने पांच अक्टूबर को संजय कांकड़ा को अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। अश्लील वीडियो का मामला सामने आने से रेल प्रशासन की बदनामी हो रही है। पूर्व में महिला कर्मचारी अजमेर में ही काम करती थी, लेकिन कुछ वर्ष पहले उसका तबादला जयपुर हो गया। लेकिन संजय कांकड़ा महिला से मिलने के लिए अक्सर जयपुर जाते रहे। महिला कर्मचारी की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में हुई थी। जानकार सूत्रों के अनुसार शिकायत अजमेर मंडल के मौजूदा डीआरएम के समक्ष भी हुई। डीआरएम ने कांकड़ा को रेलवे स्टेशन से हटाकर दफ्तर में नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर स्थापित स्टॉलों और स्टेशन परिसर में पार्किंग ठेकेदारों से भी कांकड़ा सांठगांठ रही। ऐसी शिकायतें समय समय रेल प्रशासन को मिलती रही। लेकिन बड़े अधिकारियों से सीधी एप्रोच के कारण कांकड़ा के विरुद्ध कार्यवाही नहीं हुई।

शिक्षक परमेश्वर जाट गिरफ्तार:
अजमेर उपखंड के किशनगढ़ स्थित पंडित दीनदयाल बालिका राजकीय विद्यालय की दो छात्राओं को पीटने वाले शारीरिक शिक्षक परमेश्वर जाट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बालिकाओं के अभिभावकों ने शिक्षक के विरुद्ध पुलिस में शिकायत की थी। शिक्षक पर मासूम बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी लगाया गया। विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार ने बताया कि शारीरिक शिक्षक परमेश्वर जाट की गैर जिम्मेदाराना हरकतों की शिकायत पहले भी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को की गई थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जाट की हरकतों की वजह से विद्यालय के अन्य शिक्षक भी परेशान है।

5 अक्टूबर को जब दो छात्राओं की पिटाई का मामला सामने आया तो मैंने शिक्षक जाट को समझाने की कोशिश की। लेकिन शिक्षक अपने रवैये पर कायम रहे। बाद में अनेक अभिभावकों ने आकर नाराजगी जताई। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन कुछ लोगों की वजह से सरकार के ऐसे प्रयासों पर पानी फिर जाता है। सवाल यह भी है कि जब परमेश्वर जाट की शिकायतें आ रही थीं तब कार्यवाही क्यों नहीं की गई। इस मामले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए।

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