कन्याओं के पैर धोए, तिलक लगाया और माला पहनाकर चुनरी ओढाई। यह है भारत की सनातन संस्कृति।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) : 14 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि में महानवमी के अवसर पर गोरखपुर स्थित अपने मठ में कन्याओं के पैर धोए, तिलक लगाया और माला पहनाकर चुनरी ओढ़ाई। यानी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर शृंगार किया। योगी आदित्यनाथ इस समय देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और ऐसा मुख्यमंत्री सार्वजनिक तौर पर भारत की सनातन संस्कृति के अनुरूप कार्य करे तो यह भारत के लिए शुभ हो।
सनातन संस्कृति में मनाए जाने वाले त्योहार और उत्सव का अपना महत्व है। नवरात्रि के दिनों में 9 दिनों तक देवी के अलग अलग स्वयप की पूजा अर्चना की जाती है। इसी परंपरा को योगी आदित्यनाथ प्रतिवर्ष नवरात्र में निभाते हैं। योगी आदित्यनाथ 9 दिनों तक उपवास रखते हैं और सरकारी कामकाज के साथ साथ धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं। नवरात्र का उत्सव भारत की सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। नवरात्रि में कन्याओं की पूजा अर्चना करने की सीख देती है। जिस संस्कृति में बालिकाओं को देवी का स्वरूप माना जाता है उससे कन्याओं की मजबूत स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिन 9 देवियों की पूजा अर्चना होती है, उनका इतिहास बताता है किस तरह उन्होंने राक्षस प्रवृत्तियों के लोगों को मारा। यानी देवी स्वरूप कन्या शक्ति का प्रतीक भी है। योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति के अनुरूप ही कन्या पूजन का काम किया है। उत्तर प्रदेश में पांच माह बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में अनेक राजनेता भी मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। ऐसे नेताओं का मकसद हिन्दू मतदाताओं को आकर्षित करना है। ऐसे नेता चुनाव के मौके पर ही मंदिरों में जाकर दिखावा करते हैं। जबकि योगी आदित्यनाथ तो सनातन संस्कृति के अनुरूप जीवन भी व्यतीत करते हैं।
सरकारी समारोहों में भी योगी आदित्यनाथ एक योगी की वेशभूषा में रहते हैं। सनातन संस्कृति के अनुरूप त्यौहार मनाने में भी योगी आदित्यनाथ आगे रहते हैं। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही भगवान राम के जन्म स्थल अयोध्या में दीपोत्सव मनाए जाने लगा है। सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीप जलाकर भगवान राम का स्मरण किया जाता है। भगवान राम ने जिस रामराज की स्थापना की थी उसी के अनुरूप योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में सर्व समाज की सेवा करने में लगे हुए हैं। कुछ लोग भले ही योगी की कार्यशैली की आलोचना करें, लेकिन योगी के शासन में उत्तर प्रदेश का आम आदमी स्वयं को सुरक्षित महसूस करने लगा है। यह भारत की सनातन संस्कृति ही है, जो सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करती है। हमारी इस सनातन संस्कृति में सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलने की शक्ति है।






