- सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को 30 करोड़ रुपए के भुगतान के निर्देश दिए।
- सीसीटीवी कैमरों के 10 करोड़ रुपए भी पानी में बहे।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) : गत 26 सितंबर को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) के अभ्यर्थियों को एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए सरकार ने रोडवेज की बसों में नि:शुल्क यात्रा की घोषणा की थी। चूंकि रीट में 16 लाख परीक्षार्थी भाग ले रहे थे, इसलिए सरकार को प्राइवेट बसों का भी इस्तेमाल करना पड़ा।
तब कहा गया कि प्राइवेट बसों के मालिकों को सरकार भुगता नकरेगी। लेकिन अब सरकार ने परीक्षा लेने वाले राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि रीट परीक्षार्थियों से जो परीक्षा शुल्क वसूला गया है, उसमें से प्राइवेट बस मालिकों को भुगतान किया जाए। सरकार के निर्देश मिलते ही बोर्ड ने जिला कलेक्टरों के माध्यम से बस मालिकों को भुगतान करना शुरू कर दिया है। बसों का इस्तेमाल कलेक्टरों के माध्यम से ही किया गया था। शिक्षा बोर्ड को करीब तीस करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है। यानी नि:शुल्क परिवहन की घोषणा कर जो वाहवाही सरकार ने ली थी, उसका भुगतान रीट के अभ्यर्थियों को ही करना पड़ रहा है। परीक्षा शुल्क के तौर पर बोर्ड को करीब 100 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।
रीट की हर परीक्षा में बोर्ड को करोड़ों रुपए की बचत होती है, लेकिन इस बार रीट की परीक्षा बोर्ड को घाटे का सौदा साबित होगी। बोर्ड को जहां प्राइवेट बस मालिकों को 30 करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है, वहीं परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के कार्य पर बोर्ड के करीब 10 करोड़ रुपए पहले ही पानी में बह गए। नकल रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे लगाए थे। इसके लिए बोर्ड के अजमेर स्थित मुख्यालय पर कंट्रोल रूम भी बनाया गया, लेकिन 26 सितंबर को प्रदेशभर में इंटरनेट बंद होने से सीसीटीवी कैमरों का उपयोग ही नहीं हो सका।
इसे सरकार में बैठे अधिकारियों की अदूरदर्शिता ही कही जाएगी कि एक ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं तो दूसरी ओर परीक्षा की वजह से इंटरनेट बंद करवाया जा रहा है। सवाल उठता है कि 10 करोड़ रुपए के नुकसान का कौन जिम्मेदार है? गंभीर बात तो यह है कि यह पैसा न हो सरकार दे रही है और न ही शिक्षा बोर्ड यह पैसा परीक्षा शुल्क के नाम पर परीक्षार्थियों से ही वसूला जाता है।
रिजल्ट की तैयारियां जोरों पर:
रीट परीक्षा का रिजल्ट निकालने की तैयारी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में जोरों पर है। बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली ने पूर्व में घोषणा की थी कि परीक्षा के सवा महीने बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। चूंकि रीट की परीक्षा 26 सितंबर को हुई थी, इसलिए माना जा रहा है कि परीक्षा परिणाम तैयार होने के अंतिम चरण में है। बोर्ड परिसर स्थित रीट कार्यालय में ही परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट की जांच कंप्यूटर पर हो रही है।






