- 22 अक्टूबर को अंतिम तिथि के दिन फीस जमा करवाने के लिए अभिभावकों की लंबी लाइन।
- आखिर सुप्रीम कोर्ट कब देखेगा प्राइवेट स्कूलों की दादागिरी।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) : अजमेर सहित राजस्थान भर के अभिभावकों के लिए कोरोना काल ही बकाया स्कूल फीस जमा करवाना ही मुश्किल हो रहा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में प्राइवेट स्कूलों के संचालक अभिभावकों से एडवांस फीस भी वसूलने लगे हैं।
अजमेर में जयपुर रोड पर संचालित मिशनरीज की सोफिया गर्ल्स सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल ने सभी अभिभावकों को निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर तिमाही की फीस 22 अक्टूबर तक जमा करवा दी जाए। जिस छात्रा की फीस 22 अक्टूबर तक बैंक में जमा नहीं होगी, उसे ऑनलाइन और क्लास रूम की पढ़ाई से वंचित कर दिया जाएगा। हालांकि प्रिंसिपल ने फीस जमा करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर बताई है, लेकिन 23 अक्टूबर को बैंकों में तीसरे शनिवार का अवकाश है, इसलिए अभिभावकों को 22 अक्टूबर को ही लंबी लाइन में लग कर फीस जमा करवानी पड़ी।
सोफिया स्कूल के प्रबंधकों ने केनरा बैंक किराये पर स्कूल परिसर में ही जगह दी है। लेकिन इस बैंक का मुख्य द्वार जयपुर रोड पर खुलता है। 22 अक्टूबर को बैंक परिसर शुरू हो जाने के बाद अभिभावक मुख्य सड़क पर लाइन लगाकर खड़े रहे। तेज गर्मी में भी महिला अभिभावकों को कई घंटों तक खड़ा रहना पड़ा। सवाल उठता है कि सुप्रीम कोर्ट प्राइवेट स्कूलों की दादागिरी को कब देखेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ही कोरोना काल की बकाया फीस वसूलने का अधिकार स्कूल संचालकों को दिया है। लेकिन स्कूल के संचालक अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद एडवांस फीस भी वसूल रहे हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि किसी भी विद्यार्थियों को पढ़ाई से वंचित नहीं किया जाएगा। लेकिन अजमेर में तो उल्टा हो रहा है। जो छात्राएं एडवांस फीस नहीं जमा करा रही है, उन्हें पढ़ाई से वंचित किया जा रहा है। सोफिया स्कूल में करीब दो हजार छात्राएं अध्ययन करती हैं।







