गोविंद सिंह डोटासरा को साथ रखकर अशोक गहलोत प्रदर्शित कर रहे हैं कि राजस्थान में सत्ता और संगठन एकजुट हैं।

  • सचिन पायलट बार बार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सरकार और संगठन में सम्मान देने की बात कर रहे हैं।
  • किसानों का राष्ट्रीयकृत बैंकों का लोन माफ नहीं होने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार-डोटासरा।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : 18 नवंबर को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने धौलपुर, करौली, दौसा आदि जिलों का दौरा कर प्रशासन शहरों एवं गांवों के संग अभियान के शिविरों का जायजा लिया। 18 नवंबर को लगातार तीसरा दिन रहा, जब गहलोत ने शिविरों की जांच पड़ताल की। इन दौरों में सीएम के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी हैं। गहलोत, डोटासरा को हेलीकॉप्टर में तो अपने साथ रखते ही हैं, साथ ही यह भी ध्यान रखते हैं कि शिविरों के अवलोकन के दौरान डोटासरा को पूरा मान सम्मान मिले।

जब कभी डोटासरा पीछे रह जाते हैं तो गहलोत हाथ पकड़ कर आगे लाते हैं। लोगों को इशारा कर डोटासरा के गले में भी मालाएं पहनाई जाती है। इतना ही नहीं कई बार सीएम गहलोत अपने सिर का साफा डोटासरा के सिर पर रखते हैं। स्वागत करने वालों को भी निर्देश देते हैं कि डोटासरा का भी मान सम्मान किया जाए। अपने संबोधन में डोटासरा की प्रशंसा करने में गहलोत कोई कसर नहीं छोड़ते। गहलोत का कहना होता है कि डोटासरा के नेतृत्व में संगठन मजबूत है। असल में गहलोत के प्रतिद्वंदी और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट लगातार मांग कर रहे हैं कि सरकार और संगठन में कांग्रेस के आम कार्यकर्ता को सम्मान मिलना चाहिए।

पायलट की ओर से लगातार हो रही मांग के मद्देनजर ही सीएम गहलोत यह दिखाना चाहते हैं कि राजस्थान में सत्ता और संगठन एकजुट हैं। सरकार के साथ संगठन भी कदम से कदम मिला कर चल रहा है। गहलोत के साथ डोटासरा के रहने का कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं पर कितना असर पड़ेगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन गहलोत ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ से सरकार और संगठन में एकजुटता दिखाने की कोशिश की है। डोटासरा को भी पता है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के समय उनके शिक्षा मंत्री का पद ले लिया जाएगा। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी गहलोत के साथ डोटासरा की उपस्थिति बहुत मायने रखती है। सब जानते हैं कि सचिन पायलट को बर्खास्त किए जाने के बाद डोटासरा को ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।

केंद्र सरकार जिम्मेदार:
18 नवंबर को धौलपुर के सिंगोरोही गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंकों का लोन माफ नहीं होने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। डोटासरा ने कहा कि अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और राष्ट्रीयकृत बैंकों का लोन एक मुश्त माफ करने के लिए रिजर्व बैंक को निर्देश देने के लिए कहा। राज्य सरकार एकमुश्त सेटलमेंट के लिए तैयार है, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से इस पत्र का जवाब नहीं आया है। जिस प्रकार सहकारी बैंकों के किसानों के लोन माफ किए गए उसी प्रकार राष्ट्रीयकृत बैंकों के लोन भी सरकार माफ करने को तैयार है, लेकिन केंद्र सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।

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