- 8 रुपए में रियायती भोजन प्राप्त करने वाले की फोटो भी खींची जाएगी।
- अजमेर में एक ही ठेकेदार चलाएगा 9 रसोई।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 20 अगस्त को कांग्रेस सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर उनकी
माताजी और तीन बार भारत की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी के नाम से राजस्थान में इंदिरा रसोई की शुरुआत की गई है। सीएम अशोक गहलोत ने अपने सरकारी आवास से ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश भर में रसोई का आरंभ किया। शुभारंभ के अवसर पर सीएम ने बताया कि पहले चरण में प्रदेश के 213 शहरों में 358 स्थानों पर इंदिरा रसोई चला कर एक लाख 34 हजार जरुरतमंद व्यक्तियों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। चपाती, दाल, सब्जी और अचार वाली भोजन की थाली मात्र 8 रुपए में उपलब्ध करवाई जाएगी। रसोई चलाने वाले ठेकेदार या संस्था को सरकार एक थाली पर 12 रुपए का अनुदान देगी। सीएम ने कहा कि इंदिरा रसोई को जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अब कोई भूखा नहीं सोएगा। मेहनतकश्त लोगों को रियायती दर पर भोजन दोनों समय उपलब्ध होगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि यह भोजन उन गरीबों के लिए मददगार है जो महंगा भोजन खरीदने में असमर्थ है। लेकिन सब जानते हैं कि पिछले भाजपा शासन में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी अन्नपूर्णा रसोई योजना चलाई थी। इस योजना में भी 8 रुपए में ही भोजन की थाली मिल रही थी। वसुंधरा राजे ने भी जोर शोर से योजना का शुभारंभ किया। तब राजे ने भी दावा किया था कि अब प्रदेश में कोई भूखा नहीं सोएगा। दान पुण्य करने वालों ने भी अन्नपूर्णा रसोई की वेजन से रियायती दर वाली थालियां खरीद कर गरीबों को वितरित की। अन्नपूर्णा में भी गर्मागर्म भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा था, लेकिन राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने पर अन्नूपर्णा रसोई योजना को बंद कर दिया गया। अब कोई पौने दो वर्ष बाद गहलोत सरकार ने फिर से योजना को शुरू किया है। फर्क इतना ही है कि रसोई का नाम अन्नपूर्णा के बजाए इंदिरा रखा गया है। योजना का नाम कुछ भी हो, लेकिन लोगों को मदद मिलनी चाहिए। गहलोत भले ही योजना का नाम बदला हो, लेकिन मेहनतकश्त लोगों को 8 रुपए में भोजन तो मिल ही रहा है, इसके लिए अशोक गहलोत बधाई के पात्र है।
अजमेर में एक ही ठेकेदार:
सीएम की घोषणा के अनुरूप अजमेर शहर में भी 9 स्थानों पर इंदिरा रसोई के माध्यम से जरुरतमंद लोगों को 8 रुपए में भोजन उपलब्ध होना शुरू हो गया है। नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी 9 स्थानों का ठेका शिव कंस्टे्रक्शन के शंकर शर्मा को दिया गया है। निगम की ओर से सुरक्षित स्थान भी उपलब्ध करवाया गया है। अजमेर में पड़ाव स्थित आश्रय स्थल, गांधी भवन, देहली गेट स्थित आश्रय स्थल, रोडवेज बस स्टेंड परिसर, जेएलएन अस्पताल स्थित आश्रय स्थल, पुष्कर रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड, जनाना अस्पताल स्थित आश्रय स्थल, शास्त्री नगर स्थित चुंगी चौकी तथा कोटड़ा स्थित सामुदायिक भवन में रियायती दर का भोजन उपलब्ध रहेगा। इन स्थानों पर प्रात: साढ़े आठ से दोपहर एक बजे तथा शाम को 5 से रात्रि 8 बजे तक भोजन उपलब्ध रहेगा। ठेकेदार को 20 रुपए प्रति थाली के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे इसलिए भोजन प्राप्त करने वाले व्यक्ति की फोटो भी खींची जाएगी। निगम के अधिकारी रसोई की आकस्मिक जांच भी कर सकेंगे। एक थाली में 250 ग्राम आटे की चपाती, 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी व अचार उपलब्ध करवाया जाएगा।







