प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पहली बार कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे पायलट।
- स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर सचिन पायलट की दो टूक।
- मैंने तो वसुंधरा राजे के घर झालावाड़ में भी कांग्रेस की जीत करवाई।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 20 अगस्त को जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सरकरी आवास से इंदिरा रसोई का शुभारंभ कर रहे थे, तब सचिन पायलट ने जयुपर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पहुंच कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मीडिया से संवाद करते हुए पायलट ने कहा कि हमने गत विधानसभा चुनाव में जो वायदे किए थे, उनका पूरा किया जाना जरूरी है। सरकार वायदे पूरी करेगी, तभी तीन वर्ष बाद होने वाले चुनाव में दोबारा से कांग्रेस की सरकार बनेगी। मैं चुनावी वायदों को पूरा करने की मांग को दोहराता रहा हंू। मंै किसी पद पर रहंू या न रहंू यह बात कोई मायने नहीं रखती है। चुनाव हमेशा संगठन के दम पर जीता जाता है। 2013 में कांग्रेस को मात्र 21 सीटें मिली थीं। लेकिन बाद में संगठन के दम पर कांगे्रस की लगातार जीत हुई। वसुंधरा राजे के दम पर कांग्रेस की लगातार जीत हुई। वसुंधरा राजे जब भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री थी, तब भी उनके गृह जिले झालावाड़ में पंचायती राज के चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई। तब करीब 12 जिलों में कांग्रेस के जिला प्रमुख बने। राजस्थान में सरकार और संगठन में तालमेल बना रहे, इसीलिए हाईकमान ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। मुझे उम्मीद है कि अब सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर मीडिया में वेबजह की अटकलें लगाई जा रही है। अब सबको साथ लेकर निर्णय होंगे।
पायलट की सक्रियता बढ़ी:
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जनो के बाद पायलट 20 अगस्त को पहली बार पार्टी मुख्यालय पर पहुंचे। मालूम हो कि 9 जुलाई को 18 कांगे्रसी विधायकों के साथ दिल्ली चले जाने के बाद पायलट को प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम के पद से हटा दिया गया था। पायलट को जब प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटाने की घोषणा की गई, तब पार्टी मुख्यालय पर पायलट के फ्लैक्स तक फाड़ डाले गए। लेकिन 20 अगस्त को पूरे आत्मविश्वास के साथ पायलट ने पार्टी मुख्यालय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। हालांकि अब पार्टी मुख्यालय में पायलट का अलग से न तो कोई कमरा है और न ही स्टूल-कुर्सी। इस स्थिति को समझते हुए पायलट ने स्वर्गीय राजीव गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और तुरंत ही बाहर आ गए। पायलट के समर्थक पार्टी मुख्यालय पर पहले से ही मौजूद थे। पायलट ने मीडिया को संबोधित किया और रवाना हो गए। मालूम हो कि 19 अगस्त को पायलट ने अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक का दौरा किया था। अविनाश पांडे को राजस्थान के प्रभारी महासचिव के पद से हटाए जाने के बाद पायलट ने प्रदेश में राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। विगत दिनों सीएम अशोक गहलोत ने भले ही पायलट को गद्दार तक कहा हो, लेकिन अब पायलट पूरे आत्म विश्वास से भरे हुए हैं। पायलट को लगता है कि आने वाले दिनों में सरकार और संगठन में बड़े बदलाव होंगे। अब कांग्रेस के नेताओं को परेशानी हो रही है,जिन्होंने पायलट के कंधे पर चढ़ कर सफलता पाई थी, लेकिन मुसीबत के दिनों में सत्ता के लालच में पायलट का साथ छोड़ दिया। ऐसे नेता अब इधर के है न उधर के।







