सीएम अशोक गहलोत ने अजमेर डेयरी के काम काज की प्रशंसा की।

  • भीलवाड़ा में पांच लाख लीटर की क्षमता वाले प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास।
  • अजमेर में शुरू हो चुका है दस लाख लीटर की क्षमता वाला नया प्लांट।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 28 अगस्त को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भीलवाड़ा डेयरी के नए प्लांट का शिलान्यास किया। प्रतिदिन पांच लाख लीटर की प्रोसेसिंग वाले इस प्लांट पर करीब 75 करोड़ रुपए की लागत आएगी। भीलवाड़ा डेयरी के अध्यक्ष विधायक रामलाल जाट हैं। शिलान्यास समारोह में सीएम गहलोत ने कहा कि दूध उत्पादन और पशु पालकों के हित में अजमेर डेयरी भी अच्छा कार्य कर रही है। लेकिन अभी कॉ-ऑपरेटिव सेक्टर को और मजबूत किया जाना जरूरी है। पशु पालकों की आर्थिक मदद करने के लिए ही राज्य सरकार प्रति लीटर दो रुपए अनुदान दे रही है। हालांकि यह बड़ा काम है, लेकिन मेरी सरकार कर रही है। मैं चाहता हंू कि जिस प्रकार आनंद और अमूल डेयरी का नाम देशभर में है। उसी प्रकार राजस्थान की सरस डेयरी का नाम भी हो। इसके लिए जिला दूध संघों को मजबूत किया जाना जरूरी है। सीएम ने कहा कि मेरी सरकार ने ही पशु के लिए भी नि:शुल्क दवा योजना शुरू की है। पशु चिकित्सा केन्द्रों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि बीमारी से किसी पशु की मौत नहीं हो। भीलवाड़ा डेयरी के अध्यक्ष रामलाल जाट की प्रशंसा करते हुए सीएम ने कहा कि जाट हमेशा पशुपालकों की समस्या को लेकर चिंतित रहते हैं। जाट ने कोरोना काल में भीलवाड़ा के लोगों को हल्दी का दूध पिलाया है तो वहीं नि:शुल्क हेलमेट वितरण में रिकॉर्ड बनाया है।
चौधरी ने जताया आभार:
भीलवाड़ा डेयरी के नए प्लांट के शिलान्यास के मौके पर अजमेर डेयरी के काम काज की प्रशंसा किए जाने पर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने सीएम अशोक गहलोत का आभार जताया है। चौधरी ने बताया कि अजमेर डेयरी के नए प्लांट के शुभारंभ से पहले सीएम गहलोत को विस्तृत जानकारी दी गई थी। चौधरी ने बताया कि 340 करोड़ रुपए की लागत से बने अजमेर के प्लांट में प्रतिदिन दस लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग का काम शुरू हो चुका है। अजमेर का प्लांट देश के गिने चुने प्लांटों में से एक है। सीएम गहलोत ने आनंद और अमूल डेयरी का उल्लेख किया है। मैं बताना चाहता हंू कि जब अजमेर के नए प्लांट में मक्खन, घी, श्रीखंड, आईसक्रीम फेलवर मिल्क आदि का उत्पादन शुरू होगा, तब हमारे उत्पाद अमूल से भी बेहतर होंगे। चौधरी ने कहा कि नए प्लांट की क्षमता के अनुरूप जब प्रतिदिन दस लाख लीटर दूध संग्रहित किया जाए, तब जिले के दुग्ध उत्पादकों को प्राइवेट डेयरी के शोषण से भी मुक्ति मिलेगी। अजमेर डेयरी द्वारा पशुपालकों को पर्याप्त मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए प्लांट के उत्पादक जल्द ही बाजार में उपलब्ध होंगे।

 

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