- यह फाउंडेशन सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मालिकाना हक वाला है।
- राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया आर्थिक विफलता का आरोप।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 31 अगस्त को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर विफलता का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से देश में भीषण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राहुल के इस वीडियो के बाद भाजपा ने एक प्रेसकॉन्फ्रेंस की और यह दावा किया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मालिकाना हक वाले राजीव गांधी फाउंडेशन में देश के आर्थिक अपराधियों से करोड़ों रुपए का चंदा लिया गया है। यह चंदा तब लिया, जब केन्द्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए के सरकार चल रही थी। भाजपा ने सवाल उठाया कि जो लोग देश के कानून के विरुद्ध विदेशों से पैसा मंगा रहे थे, उन्हीं से राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चंदा क्यों लिया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि जाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन में बीसीजी बैंक के माध्यम से राजीव फाउंडेशन को 50 लाख रुपए का चैक दिया। जबकि जाकिर नाईक पर लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप है। इतना ही नहीं जाकिर नाईक की संस्था गैर कानूनी तरीके से विदेशों से पैसा मंगवा रही थी। आज जाकिर नाईक भगौड़ा है। भारत की विभिन्न एजेंसियों के बुलाने पर भी जाकिर नाईक भारत नहीं आ रहा है। आरोप लगने के बाद 12 जुलाई 2016 को राजीव गांधी फाउंडेशन ने जाकिर नाईक की संस्था को 50 लाख रुपए लौटाए भी। लेकिन यह राशि उस खाते में जमा नहीं करवाई गई, जिस खाते से प्राप्त हुई थी। जाहिर है कि राजीव फाउंडेशन के कर्ताधर्ता बहुत कुछ छिपाना चाहते हैं। यश बैंक के पूर्व मालिक राणा कपूर से भी राजीव फाउंडेशन में 10 लाख रुपए की राशि प्राप्त की है। यह राणा कपूर वही है, जिन्होंने प्रियंका गांधी से दो करोड़ रुपए में एक पेंटिंग खरीदी थी। सब जानते हैं कि की राणा कपूर ने यश बैंक को किस स्थिति में पहुंचाया है। इसी प्रकार गीतांजलि समूह के मालिक मेहुल चौकसी से जुड़ी कंपनी नवीराज एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड से भी राजीव फाउंडेशन को वर्ष 2014 में 10 लाख रुपए मिले हैं। इस कंपनी का मालिक मेहुल चौकसी का पुत्र रोहन चौकसी है। आरोप है कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वाले मेहुल चौकसी ने गलत तरीके से पुत्र रोहन चौकसी की कंपनी में करोड़ों रुपए ट्रंासर्फर कर दिए। इतना ही नहीं आर्थिक अपराध करने के लिए मशहूर हुए जिगनेश शाह से भी राजीव फाउंडेशन को 50 लाख रुपए की दी गई।







