- जन्मदिन पर आयोजित रक्त दान शिविरों में भीड़ उमड़ी।
- सीएम अशोक गहलोत ने भी दिखाया बड़ा दिल। पायलट दिल्ली पहुंचे।
- अजमेर में भी देखने को मिला उत्साह का माहौल।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 7 सितम्बर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट का 43वां जन्मदिन राजस्थान में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ मनाया। प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। कई विधानसभा क्षेत्रों में एक से अधिक स्थानों पर शिविर लगाए गए। माना जा रहा है कि जन्मदिन के बहाने पायलट ने प्रदेशभर में शक्ति परीक्षण किया है। यह शक्ति परीक्षण तब हुआ है, जब प्रदेश प्रभारी महासचिव अजय माकन 8 सितम्बर को अजमेर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक माकन आठ सितम्बर को जयपुर तथा 9 सितम्बर को अजमेर संभाग के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। अजय माकन का संवाद अपनी जगह है, लेकिन 7 सितम्बर को पायलट ने यह दर्शाया कि प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम का पद छीन लिए जाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं हुई है। समर्थकों ने पायलट के जन्मदिन पर पहले की तरह लाखों रुपए के विज्ञापन अखबारों में दिए हैं। जन्मदिन के विभिन्न कार्यक्रमों में पानी की तरह पैसा बहाया गया है। कोरोनाकाल में लॉकडाउन की वजह से बाजार में भले ही आर्थिक मंदी हो, लेकिन पायलट समर्थकों के पास पैसे की कोई कमी नहीं देखी गई। भास्कर, पत्रिका जैसे महंगे अखबारों में पूरे पृष्ठों के विज्ञापन प्रकाशित करवाए गए। यानि समर्थकों ने पायलट का जन्मदिन मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रक्तदान शिविरों में कार्यकर्ताओं और गुर्जर समाज के युवकों की भीड़ से भी प्रतीत होता है कि पायलट की लोकप्रियता बरकरार है। अब चाहे कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्रभारी महासचिव अजय माकन हाईकमान को कुछ भी रिपोर्ट दें, लेकिन पायलट ने तो फील्ड की रिपोर्ट प्रदर्शित कर दी है। हालांकि जन्मदिन के कार्यक्रमों में किसी भी विधानसभा क्षेत्र में वो विधायक सक्रिय नहीं दिखें जो एक माह तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ जयपुर और जैसलमेर की होटलों में रहे थे। अलबत्ता जो 18 विधायक सचिन पायलट के साथ एक माह तक दिल्ली में रहे, उनमें से अधिकांश जन्मदिन के मौके पर सक्रिय रहे। 7 सितम्बर को जिस तरह प्रदेशभर में जन्मदिन मनाया गया, उससे पायलट भी उत्साहित नजर आए। प्रदेशभर की रिपोर्ट लेने के बाद पायलट दोपहर को ही दिल्ली पहुंच गए। जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट अब दिल्ली में अपने परिजन के साथ जन्मदिन मना रहे हैं।
गहलोत ने दिखाया बड़ा दिल:
जुलाई माह में बगावती तेवर दिखाने पर सीएम अशोक गहलोत ने भले ही पायलट को नकारा कहा हो, लेकिन 7 सितम्बर को गहलोत ने बड़ा दिल दिखाया। गहलोत ने न केवल पायलट को बधाई दी, बल्कि सरकारी अस्पतालों के माध्यम से रक्तदान शिविरों को सफल भी बनवाया। पायलट के जन्मदिन पर अधिकांश शिविर चिकित्सा विभाग के सहयोग से लगे हैं। एकत्रित रक्त सरकारी अस्पतालों में ही जमा हुआ है। हालांकि रक्तदान शिविरों में चिकित्सा विभाग हमेशा सहयोग करता है, लेकिन 7 सितम्बर के शिविरों का विशेष ख्याल रखा गया। इतना ही नहीं किसी भी कार्यकर्ता को जन्मदिन के कार्यक्रमों में भाग लेने से नहीं रोका गया। यही वजह रही कि किसी भी स्थान पर टकराव देखने को नहीं मिला। कांग्रेस के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार रक्तदान शिविरों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से विशेष निर्देश दिए गए थे। हालांकि चिकित्सा विभाग रघु शर्मा के पास है, लेकिन 7 सितम्बर को सीएम ने विशेष निगरानी की। गहलोत के इस बदले रुख के कई मायने हैं। अब देखना है कि 8 सितम्बर से जब अजय माकन संभाग स्तर पर दरबार लगाएंगे, तब कैसा माहौल रहता है।
अजमेर में उत्साह:
प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष रहते हुए पायलट ने सबसे ज्यादा अजमेर पर ही फोकस किया था। पायलट ने अजमेर में ऐसी टीम बनाई जो आर्थिक रूप से मजबूत थी। यही कारण रहा कि 7 सितम्बर को ऐसे ही समर्थकों ने पायलट के जन्मदिन पर अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन दिए तथा बाजारों में बड़े बड़े फ्लैक्स लगाए। अजमेर शहर में सबसे ज्यादा उत्साह बीड़ी उद्योगपति हेमंत भाटी ने दिखाया। गत विधानसभा चुनाव में दक्षिण क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे भाटी ने न केवल अखबारों में विज्ञापन दिए बल्कि पायलट के जन्मदिन पर फल वितरण से लेकर रक्तदान शिविर तक आयोजित किया। शहर कांग्रेस कमेटी से दूर भाटी ने अधिकांश कार्यक्रम अपने समारोह स्थल नानकी पैलेस में ही किए। इसी प्रकार शहर कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष विजय जैन और पायलट समर्थकों ने शास्त्री नगर स्थित भारत हॉस्पिटल में शिविर रखा। उत्तर क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे महेन्द्र सिंह रलावता इन दिनों जयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए जन्मदिन के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके। अलबत्ता रलावता ने भी पायलट के जन्मदिन के फ्लैक्स उत्तर क्षेत्र में लगवाए हैं। किशनगढ़ में पायलट समर्थक राजेन्द्र गुप्ता ने अखबारों में विज्ञापन देने के साथ साथ रक्तदान शिविर भी आयोजित किया। नसीराबाद में गुर्जर धर्मशाला में पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। ब्यावर में पारस पंच के नेतृत्व में शिविर आयोजित किया गया। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र केकड़ी में पायलट समर्थकों ने कुछ ज्यादा ही उत्साह देखने को मिला। यहां गुर्जर नेता सांवरलाल गुर्जर के नेतृत्व में शिविर आयोजित किया गया। मसूदा के विधायक और पायलट के साथ दिल्ली में एक माह तक रहे राकेश पारीक ने कई शिविरों में जन्मदिन का केक काटा। गुर्जर नेता संग्राम सिंह ने भी जिले भर के शिविरों को सफल बनाने में भूमिका निभाई। हालांकि कई कांग्रेसी नेता पायलट के जन्मदिन के कार्यक्रमों से दूर रहे। लेकिन फिर भी पायलट समर्थकों में खास उत्साह देखा गया।







