पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर और अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह खुली। दोनों ही स्थानों पर अपेक्षित भीड़ नहीं।

  • दरगाह में चादर और मंदिर में फूल चढ़ाने पर रहेगी रोक।
  • पुष्कर का चित्रकूट धाम अभी बंद रहेगा।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 7 सितम्बर से पुष्कर तीर्थ में विश्वविख्यात ब्रह्मा मंदिर और अजमेर में सूफी संत ख्वाजा साहब की दरगाह खुल गई है। इन दोनों ही धार्मिक स्थलों पर गत 20 मार्च से ही श्रद्धालुओं और जायरीन का प्रवेश बंद था। 7 सितम्बर को प्रात: साढ़े पांच बजे ब्रह्मा मंदिर में मंगला आरती हुई, तो ख्वाजा साहब की दरगाह में सुबह चार बजे मजार शरीफ पर खादिमों ने खिदमत की। मंगला आरती और खिदमत के साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं और दरगाह में जायरीन का प्रवेश शुरू हो गया। जिला प्रशासन ने दोनो ही प्रमुख स्थलों पर सोशल डिस्टेङ्क्षसग के नियमा लागू कि। ब्रह्मा मंदिर के पूजारी रामनिवास वशिष्ठ व कमलेश वशिष्ठ ने बताया कि अब श्रद्धालु मंदिर की धार्मिक रस्मों में भाग ले सकते हैं। प्रशासन ने मंदिर परिसर में माकूल इंतजाम किए हैं। प्रात: साढ़े पांच बजे से दोपहर डेढ़ बजे तथा दोपहर तीन बजे से रात 9 बजे तक भगवान की प्रतिमा के दर्शन किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने जो नियम लागू किए हैं, उनका पालन श्रद्धालु कर रहे हैं। इसी प्रकार दरगाह में खादिमों की संस्था अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव वाहिद हुसैन अंगाराशाह ने बताया कि सुबह खिदमत के साथ ही मजार शरीफ पर जियारत का काम शुरू हो गया है। दोपहर में तीन से साढ़े तीन बजे तक जायरीन का प्रवेश रोका जाता है, लेकिन इसके बाद रात 9 बजे तक जायरीन मजार शरीफ पर जियारत कर सकते हैं। दरगाह परिसर में दो गज की दूरी के हिसाब से गोले बनाए गए हैं। जायरीन उन्हीं गोलों में खड़े होकर एक एक कर मजार शरीफ पर पहुंचेे। दरगाह में मजार शरीफ पर चादर पेश करने की परंपरा है, लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने मजार शरीफ पर चादर और फूल चढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि खादिम समुदाय और जायरीन प्रशासन के इस प्रतिबंध का पालन कर रहे हैं। लेकिन अच्छा हो कि जल्द से जल्द इस प्रतिबंध को हटाया जाए। अंगाराशाह ने कहा कि दरगाह में प्रसाद चढ़ाने की परंपरा नहीं है। लेकिन अकीदत के साथ चादर और फूल मजार शरीफ पर पेश किए जाते हैं। चादर और फूल पेश करने के पीछे लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दरगाह के अंदर प्रशासन को जो व्यवस्थाएं निर्धारित की है उनको पूरा कराने में खादिम समुदाय सहयोग करेगा।
अपेक्षित भीड़ नहीं:
उम्मीद जताई जा रही थी कि 7 सितम्बर को जब ब्रह्मा मंदिर और दरगाह खुलेगी तो श्रद्धालु व जायरीन की भीड़ होगी। लेकिन 7 सितम्बर को दोनों ही धार्मिक स्थलों पर अपेक्षित भीड़ देखने को नहीं मिली। दोनों धार्मिक स्थलों पर फिलहाल आसपास के क्षेत्र से ही लोग आ रहे हैं। अभी बड़ी संख्या में बाहर से लोगों के आने का सिलसिला शुरू नहीं हुआ है। यही वजह है कि दरगाह में आसानी के साथ जियारत की रस्म हो रही है। इसी प्रकार ब्रह्मा मंदिर में भी श्रद्धालु भगवान की प्रतिमा के दर्शन सुगमता के साथ कर रहे हैं।
अभी नहीं खुलेगा चित्रकूट धाम:
पुष्कर के निकट बांसेली में स्थित चित्रकूट धाम अभी नहीं खुलेगा। धाम के उपासक पाठक जी महाराज ने बताया कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए मंदिर परिसर को फिलहाल नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि नवरात्रा के दौरान मंदिर खोलने पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चित्रकूट धाम में 11 फीट ऊंचे शिवलिंग के साथ हनुमान जी विराजमान है। इस चमत्कारिक शिवलिंग और प्रतिमा को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं। शिवरात्रि के दिन भस्म आरती भी होती है।

 

 

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