- बिहार भागलपुर के बालक की अजमेर के दरगाह क्षेत्र से बरामदगी की।
- गेस्ट हाउस का मालिक और नौकर गिरफ्तार।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कई बार अधिकारी की जागरुकता और संवेदनशीलता की वजह से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो जाता है। ऐसा ही एक वाक्या अजमेर में देखने को मिला है। दरगाह क्षेत्र के थानाधिकारी रामेन्द्र सिंह हाड़ा ने बताया कि विगत दिनों पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने सोशल मीडिया पर बिहार के भागलपुर की रहने वाली एक महिला का दर्द भरा वीडियो देखा। इस महिला ने भागलपुर के हबीबपुर पुलिस स्टेशन पर अपने नाबालिग लापता बच्चे की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
शाहिस्ता की यह महिला लोगों से अपने बच्चे को तलाशने की अपील कर रही थी। इस वीडियो को देखने के बाद एसपी राष्ट्रदीप ने लापता बालक को अजमेर के दरगाह क्षेत्र में तलाशने के निर्देश दिए। हाड़ा ने बताया कि एसपी के निर्देश पर एक टीम गठित की गई और इस टीम ने दरगाह क्षेत्र के सभी होटलों गेस्ट हाउसों में काम करने वालों की सूची बनाई। इसी तलाशी में लाखन कोटड़ी स्थित आमिर गेस्ट हाउस से एक नाबालिग बच्चे की बरामदगी की गई।
इस बालक ने बताया कि वह बिहार के भागलपुर का रहने वाला है और गत मार्च माह में ख्वाजा साहब के उर्स में शरीक होने के लिए अजमेर आया था, लेकिन 20 मार्च से लॉकडाउन हो जाने की वजह से वह वापस भागलपुर नहीं लौट सका। इस बीच जब सरकारी स्तर पर दरगाह क्षेत्र में फंसे जायरीन को निकालने का काम शुरू हुआ तो गेस्ट हाउस के मालिक तोफिक हुसैन और नौकरी समीर ने जाने नहीं दिया। जब कभी उसने जिद की तो उसकी बेरहमी से पिटाई भी की गई। हाड़ा ने बताया कि बालक के शरीर पर चोट के निशान हैं, इसलिए मेडिकल करवाया गया है। बालक के मिल जाने पर माता-पिता को सूचित कर दिया गया है।
हबीबपुर के थानाधिकारी को भी बता दिया गया है। अब बालक की सुपुर्दगी चाइल्ड लाइन को दे दी गई है तथा तोफिक और समीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम ने एएसआई कुंदन सिंह, हैड कांस्टेबल चेनाराम तथा सिपाही बृजेश, पेमाराम, अजय व कुलदीप सिंह शामिल थे। एसपी राष्ट्रदीप ने दरगाह थानाधिकारी और उनकी टीम को बधाई दी है। वहीं बालक के पिता मोहम्मद ग्यात और मां शाहिस्ता ने अजमेर पुलिस का आभार प्रकट किया है।







