- किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद होती रहेगी।
- किसान बाजार में भी अपनी फसल को ऊँचे दामों पर बेच सकेगा।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 18 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार की अनेक रेल परियोजनाओं का उदघाटन किया। वर्चुअल तकनीक से हुए समारोह में पीएम मोदी ने लोकसभा में पास हुए कृषि विधेयकों पर अपनी राय रखी। यहां यह उल्लेखनीय है कि विधेयकों के विरोध में कई राज्यों के किसान सड़कों पर है। विधेयकों के प्रावधानों को किसान विरोधी बताया जा रहा है।
इस स्थिति ध्यान में रखते हुए ही पीएम मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल किसानों को गुमराह कर रहे हैं। विधेयकों में एक भी ऐसा प्रस्ताव नहीं है, जो किसान के विरुद्ध हो। मेरी सरकार किसान हितेषी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एनएसपी) को समाप्त करने को लेकर बेवजह का भ्रम फैलाया जा रहा है। मैं देश के किसानों को बताना चाहता हंू कि पूर्व की तरह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीद होती रहेगी। एनएसपी व्यवस्था को समाप्त करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। विधेयकों के कानून बनने के बाद किसान अपनी मर्जी से फसल को बेच सकता है।
जब किसान खुले बाजार में फसल को बेचागा तो उसे अधिक कीमत मिलेगी। विधेयक के प्रावधानों से बिचौलियों का सफाया हो जाएगा। किसान को राहत देने के लिए ही भंडारन क्षमता को बढ़ाया गया है। भंडारन की कोई सीमा भी नहीं रहेगी। इसलिए किसान अपनी सुविधा से फसल की बिक्री कर सकता है। मोदी ने कहा कि जिस राजनीतिक दल ने दशकों तक देश में शासन किया उस दल के घोषणा पत्र में भी इन्हीं प्रावधानों को लागू करने की बात कही जाती रही, लेकिन अब जब एनडीए की सरकार किसान हित में वो ही निर्णय लिए हैं तो इन दलों को नाराजगी हो रही है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए राशि सीधे किसान के खाते में जमा करवाई है। मेरी सरकार वो सब निर्णय कर रही है जिससे किसान को सीधा फायदा हो रहा है। सरकार के ऐसे निर्णय ही कुछ दलों को हजम नहीं हो रहे हैं। मोदी ने देश के किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। किसी भी किसान को गुमराह होने की जरुरत नहीं है।







