- 14 हजार ज़रूरतमंद लोगों को मिल सकेगी रोशनी।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन के अवसर पर अजमेर में रिकॉर्ड बना।
- पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत स्वस्थ लोकर अजमेर लौटे।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 21 सितम्बर को अजमेर उत्तर क्षेत्र के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने सात हजार नेत्रदाताओं के संकल्प पत्र अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के प्रबंधन को सौंपे हैं। अनेक फाइलों में एकत्रित सात हजार संकल्प पत्र अस्पताल के प्राचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह, अधीक्षक डॉ. अनिल जैन, नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. पोरवाल आदि को सुपुर्द किए गए। देवनानी ने अस्पताल प्रशासन को बताया कि जिन लोगों ने संकल्प पत्र भरे हैं, वे मरणोपरांत अपनी आंखें अस्पताल प्रशासन को देंगे।
इस संबंध में नेत्र दाताओं ने अपने परिवार के सदस्यों को भी बता दिया है। संकल्प पत्र भरने वाले नेत्रदाताओं को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए हैं। ये संकल्प पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मनाए गए सेवा सप्ताह के अंतर्गत भरवाए गए। ये सभी संकल्प पत्र उत्तर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के हैं। संभवत: राजस्थान के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब किसी एक विधानसभा क्षेत्र के सात हजार लोगों ने मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लिया है। देवनानी ने बताया कि इससे 14 हजार जरुरतमंद लोगों को रोशनी मिल सकेगी। संकल्प पत्र सौंपते समय देवनानी के साथ शहर जिला भाजपा के अध्यक्ष डॉ. प्रियशील हाड़ा, पार्षद ज्ञान सारस्वत, पूर्व पार्षद सतीश बंसल आदि भी थे। इस उपलब्धि के लिए मोबाइल नम्बर 9414155749 पर देवनानी को बधाई दी जा सकती है।
पूर्व मेयर अजमेर लौटे:
अजमेर के पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत स्वास्थ्य होने के बाद जयपुर से अजमेर लौट आएं हैं। गहलोत अब कोटड़ा स्थित अपने निवासी पर विश्राम कर रहे हैं। चिकित्सकों ने 30 सितम्बर तक किसी से भी नहीं मिलने की सलाह दी है। लेकिन गहलोत मोबाइल पर सभी शुभचिंतकों से लगातार संवाद कर रहे हैं। गहलोत को गत 21 अगस्त को गर्दन में दर्द होने के कारण पुष्कर रोड स्थित मित्तल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। तीन दिन इस अस्पताल में भर्ती रहने के बाद गहलोत लम्बे समय तक जयपुर के महात्मा गांधी और इंटर्नल अस्पताल में भर्ती रहे। हालांकि गहलोत कोरोना संक्रमित नहीं हुए, लेकिन सांस लेने में परेशानी होने की वजह से उन्हें अस्पताल में रखा गया। अजमेर लौटने पर गहलोत ने कहा कि चिकित्सकों की मेहनत के साथ साथ राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम के उपासक चम्पालाल महाराज की कृपा से स्वस्थ्य हुए हैं। गहलोत ने कहा कि वे आगामी 1 अक्टूबर से दोबारा से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो जाएंगे।







