- धार्मिक गतिविधियों पर रोक नहीं, लेकिन धारा 144 के प्रावधान लागू होंगे-एसपी कुंवर राष्ट्रदीप।
- लोगों को जागरुक करने के लिए पुलिस का फ्लैग मार्च।
- आसान नहीं है धारा 144 को लागू करवाना।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर जिला राजस्थान के उन 11 जिलों में शामिल हें जहां सरकार ने 19 सितम्बर से धारा 144 लागू कर दी है। यानि अब 5 व्यक्तियों से ज्यादा एक स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकेंगे। धारा 144 के नियम तोडऩे वालों को पुलिस गिरफ्तार भी कर सकती है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढऩे के कारण सरकार ने प्रदेश के 14 जिलों में धारा 144 लगाई है। धारा 144 के प्रावधानों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए 21 सितम्बर से अजमेर शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। अजमेर में जब लगातार संक्रमण बढ़ रहा है और पुलिस सख्ती बरत रही है, तब सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 24 सितम्बर को महाना छठी की रस्म पर जायरीन की भीड़ की उम्मीद जताई जा रही है। यूं तो हर मुस्लिम माह की 6 तारीख पर छठी की रस्म होती है, लेकिन 24 सितम्बर को हिजरी संवत के सफर उज मुजफ्फर माह की छठी का खास महत्व है। असल में गत मार्च माह के बाद ख्वाजा साहब की दरगाह में महाना छठी की रस्म में जायरीन ने भाग नहीं लिया है। 20 मार्च से ही दरगाह में जायरीन का प्रवेश बंद हो गया था। अब 7 सितम्बर को दरगाह में जायरीन का प्रवेश शुरू हुआ है। 7 सितम्बर के बाद 24 सितम्बर को पहला अवसर है जब महाना छठी की रस्म में जायरीन भी भाग लेंगे। इसी वजह से उम्मीद जताई जा रही है कि जायरीन की संख्या अधिक होगी। ऐसे में धारा 144 का उल्लंघन हो सकता है। लेकिन जिला एवं पुलिस प्रशासन ने धारा 144 को लेकर कोई ढिलाई बरतना नहीं चाहता। जिला पुलिस अधीक्षक कंवर राष्ट्रदीप ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई रोक नहीं है, लेकिन धारा 144 के प्रावधान सभी जगह लागू होंगे। धार्मिक स्थलों पर धारा 144 के प्रावधानों के अंतर्गत ही गतिविधियां हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह में भी सोशल डिस्टेसिंग के नियमों के तहत जियातर हो रही है तो धारा 144 की पालना अपने आप हो जाएगी। लेकिन शहर के सार्वजनिक स्थलों पर पांच व्यक्तियों से ज्यादा एकत्रित नहीं हो सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।
आसान नहीं है लागू करवाना:
राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए 11 जिलों में धारा 144 लागू तो कर दी है, लेकिन जिला एवं पुलिस प्रशासन के लिए इसे लागू करवाना आसान नहीं है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि पर यात्रियों की भीड़ तो रहेगी ही। 21 सितम्बर से स्कूलों में विद्यार्थियों की आवक भी शुरू हो गई है। भले ही स्कूलों में क्लास नहीं लगे, लेकिन विद्यार्थी तो शिक्षकों से मिल ही सकते हैं। ऐसे में स्कूलों में पांच से ज्यादा विद्यार्थी तो एकत्रित होंगे ही। सभी यूनिवर्सिटी में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा भी ले रही है। सैकड़ों विद्यार्थी एक साथ कॉलेज परिसर में एकत्रित होंगे।
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