मुंबई (विशेष प्रतिनिधी मनोज दुबे) – मुंबई पुलिस में ईमानदार अधिकारी ऐसे है जो अपनी ड्यूटी करते वक़्त अपनी जान की बाज़ी तक लगाने से डरते है पूरी इम्मानदारी से अपनी ज़िम्मेदारीयो को निभाते है।आज मुंबई पुलिस के ऐसे ईमानदार अधिकारियों की वजह से हम लोग सुरक्षित है तो वही कुछ भ्रष्ट्राचार में लिप्त पुलिस अधिकारी अपने पद और पॉवर का गलत इस्तेमाल कर रहे है ऐसे अधिकारियों की वजह से एक गरीब वर्ग के लोगो को इंसाफ नही मिल पाता है।पैसे के दम पर ऐसे अधिकारि केस को कमजोर करने का प्रयत्न करते है शिक़ायत कर्ता की बात ना सुनते हुवे विरोधी पार्टी का समर्थन करते है और केस से किस तरह निकले अपराधियों को बताते है।
एक मामला सामने आया है जिसमे सूत्रों के मुताबिक एक मामला सामने आ रहा है मामला मुंबई पुलिस जोन सात का है जहाँ दो दलो में मारपीट होती है दोनों दलों पे क्रॉस केस धारा 326 के तहत बनाया जाता है।धारा 326 गैर जमानती धारा है जिसकी वजह से न्यायालय से जमानत लेना पड़ता है भर्ष्टाचार में लिप्त कुछ पुलिस अधिकारी अपने पद और पॉवर का गलत ढंग से इस्तेमाल करके धारा 326 को 324 में बनकर अपराधी से मोटी रक्कम लेने का काम कर रहे है।ऐसे अधिकारीयो की वजह से कानून से लोगो का भरोसा खत्म होता जा रहा है।बताया जा रहा है कि पुलिस निरीक्षक ने दो लाख रुपये लेकर केस में लगी धारयो के साथ छेड़छाड़ की है।ऐसे अधिकारियों पे अपर पुलिस आयुक्त पूर्व पार्देशिक विभाग और पुलिस उपायुक्त जोन सात को कठोर करवाई करनी चाहिए।







