राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के शासन में मुख्य सचिव रहे डीबी गुप्ता क्या आईएएस की सेवा से यूं ही रिटायर हो जाएंगे?

  • 30 सितम्बर के बाद मुख्यमंत्री के सलाहकर के पद पर रहेंगे या नहीं अभी यह भी पता नहीं।
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस और पिछले ढाई माह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार की भूमिका निभा रहे डीबी गुप्ता 30 सितम्बर को आईएएस की सेवा से रिटायर हो रहे हैं। गुप्ता को ढाई माह पहले रातों रात मुख्य सचिव के पद से हटा दिया गया था। तब राजीव स्वरूप को मुख्य सचिव बनाया गया। गुप्ता को मुख्य सचिव के पद से हटाए जाने पर उन्हें कोई नया पद नहीं दिया गया था।
एक सप्ताह बाद गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त कर दिया। ढाई माह में मुख्यमंत्री ने किस मुद्दे पर सलाह ली यह तो अशोक गहलोत ही जाने, लेकिन सवाल उठता है कि क्या 30 सितम्बर को डीबी गुप्ता आईएएस की सेवा से यूं ही रिटायर हो जाएंगे? यदि गुप्ता मुख्य सचिव के पद से रिटायर होते तो प्रदेश भर के प्रशासनिक क्षेत्र में उत्साह होता। बधाई देने वालों का तांता लगा रहता। अब पता नहीं कोई सरकारी वाहन भी गुप्ता को सचिवालय से घर तक छोडऩे भी जाएगा या नहीं। जयपुर में तैनात रहने वाले आईएएस की सेवानिवृत्ति पर सचिवालय के सभागार में विदाई समारोह होता है। लेकिन 30 सितम्बर को शायद यह परंपरा भी नहीं निभाई जाए। कोरोना संक्रमण की वजह से सचिवालय में कोई बैठक नहीं हो रही है। वाट्सएप पर आईएएस का एक गु्रप बना हुआ है। इस ग्रुप पर भी गुप्ता के विदाई समारोह का कोई संदेश फिलहाल पोस्ट नहीं हुआ है।
अभी यह भी पता नहीं कि 30 सितम्बर के बाद गुप्ता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार रहेंगे या नहीं। आईएएस की तबादला सूची में गुप्ता को मुख्य सचिव के पद से मुख्यमंत्री के सलाहकार के पद पर स्थानांतरित किया था। इस लिहाज से 30 सितम्बर को गुप्ता मुख्यमंत्री के सलाहकार पद से भी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यदि गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाए रखा जाता है तो सरकार को अलग से आदेश जारी करना होगा। ऐसा बहुुत कम होता है, जब किसी मुख्य सचिव को सेवानिवृत्ति से ढाई माह पहले हटा दिया जाए।
गुप्ता के साथ ऐसा सलूक क्यों किया, इस पर गुप्ता ने अभी तक भी कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन गुप्ता वो ही आईएएस हैं जो भाजपा और कांग्रेस के शासन में लगातार मुख्य सचिव रहे। गुप्ता की मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने की थी, लेकिन दिसम्बर 2018 में कांग्रेस सरकार बनने पर भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुप्ता को ही मुख्य सचिव बनाए रखा। तब प्रशासनिक क्षेत्र में यह माना गया कि गुप्ता एक काबिल अफसर हैं। सरकार बदलने पर गुप्ता की स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन अब वो ही गुप्ता अपने रिटायरमेंट पर अपने वजूद को तलाश रहे हैं। चर्चा है कि रिटायरमेंट के बाद गुप्ता को राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया जाए।
आयोग के मौजूदा अध्यक्ष दीपक उप्रेती 14 अक्टूबर को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। गुप्ता को आयोग का अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे आगामी दो वर्ष तक कार्य कर सकेंगे। आयोग का अध्यक्ष 62 वर्ष की उम्र तक काम कर सकता है। राज्य सरकार अपने चेहते आईएएस और आईपीएस को आयोग का अध्यक्ष या सदस्य बना कर पुरस्कृत करती रहती है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here