मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ने का कोई फायदा नहीं।

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  • 30 सितम्बर को नहीं जुड़े अजमेर के अधिकांश विधायक और सांसद।
  • पोल खुलने के डर की वजह से अधिकारी हमारे मोबाइल की आवाज मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचने देते-विधायक अनिता भदेल

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 30 सितम्बर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के खिलाफ जन आंदोलन चलाए जाने को लेकर प्रदेश के सांसदों और विधायकों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद किया। सीएम की वीसी में अधिक से अधिक विधायक शामिल हों, इसके लिए मुख्यमंत्री के सचिव कुलदीप राका ने वाट्सएप के जरिए विधायकों को संदेश भी भेजा। आईटी विभाग ने अनेक विधायकों को लिंक भी भेजा ताकि सीएम की वीसी में शामिल हो सके। लेकिन इस संवाद में अजमेर के अधिकांश विधायक शामिल नहीं हुए।
पूर्व मंत्री और अजमेर दक्षिण क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री की वीसी से जुडऩे से कोई फायदा नहीं है। वीसी में विधायकों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता। भदेल ने कहा कि 27 सितम्बर को जब अजमेर के विकास कार्यों के लोकार्पण पर मुख्यमंत्री की वीसी हुई थी, तब वे स्वयं शामिल हुई। लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री को वे विकास कार्यों की हकीक़त बताना चाहती थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक जाने ही नहीं दी। वीसी का मतलब तो यही होता है कि जन प्रतिनिधि भी अपनी भावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराएं। यदि सिर्फ मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए ही वीसी की जाती है तो ऐसा भाषण हम मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर भी सुन सकते हैं।
पूर्व मंत्री और उत्तर क्षेत्र के विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री की वीसी एक तरफा होती है। वीसी में जब तक विधायकों को बोलने का अवसर न मिले तब तक वीसी होने का कोई अर्थ नहीं है। कई बार विधायकों को सिर्फ सूचना आती है,लेकिन वीसी से जुडऩे के लिए लिंक नहीं दिया जाता। अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी भी 30 सितम्बर को सीएम की वीसी में शामिल नहीं हो सके। इसी प्रकार पुष्कर के विधायक सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री की वीसी में विधायकों को बोलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं कोशिश करुंगा की वीसी में अपने क्षेत्र की बात मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकूं। मसूदा के विधायक राकेश पारीक के दोनों मोबाइल बंद रहे इसलिए वे भी वीसी से जुडऩे में असमर्थ रहे। अलबत्ता किशनगढ़ के विधायक सुरेश टांक मुख्यमंत्री की वीसी में शामिल हुए। टांक किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक हैं और मौजूदा समय में गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे हैं।

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