क्या यूपी और राजस्थान की लड़कियों में फर्क है?

anita-bhadel
  • प्रियंका गांधी को राजस्थान में हो रही गैंगरेप की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
  • विधायक अनिता भदेल ने अजमेर, सीकर और बांरा की ताजा घटनाओं को सामने रखा।
  • हाथरस और बलरामपुर की घटनाओं के आरोपियों को फांसी की सजा मिले।
  • जयपुर में विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में भी युवती के साथ गैंगरेप।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान में भाजपा की प्रवक्ता और विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राजस्थान में होने वाली गैंगरेप की ताजा घटनाओं पर भी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। भदेल ने कहा कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना पर तो नाराजगी जता रही हैं, लेकिन राजस्थान की घटनाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस और बलरामपुर के दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य कोई व्यक्ति दुष्कर्म का साहस नहीं कर सके। यदि इन दोनों मामलों में कोई अधिकारी लापरवाह मिले तो उसके विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए, लेकिन बलात्कार के मामलों में कांग्रेस को दोहरा चरित्र नहीं दिखाना चाहिए। प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना पर तो नाराजगी दिखाती है, लेकिन राजस्थान में हो रही घटनाओं पर चुप रहती है। क्या ऐसा इसलिए कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है? भदेल ने प्रियंका गांधी को बताया कि राजस्थान में बांरा में दो नाबलिग लड़कियों के साथ तीन युवकों ने बलात्कार किया। दोनों बच्चियां चीख चीख कर अपनी आपबीती सुना रही हैं, लेकिन पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने में लगी हुई है। बांरा की पीडि़त लड़कियों के बयान पर टीवी चैनलों तक में प्रसारित हो रहे हैं। सीकर में एक 14 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसके अश्लील वीडियो वायरल कर दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं। गंभीर बात तो यह है कि अब पीडि़ता पर ही मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। 29 सितम्बर की रात को ही अजमेर के निकट दौराई में एक विवाहिता को खेत में ले जाया गया और तीन युवकों ने बलात्कार किया। बलात्कार के समय युवती की आवाज न निकले इसलिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। युवती की पीड़ा का अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन इस घटनाओं को अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। विधायक भदेल ने प्रियंका गांधी से आग्रह किया कि वे स्वयं राजस्थान का दौरा कर दुष्कर्म पीडि़ताओं से मिले। भदेल ने कहा कि राजस्थान में गैंगरेप की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। सीएम गहलोत ही प्रदेश के गृहमंत्री भी है, लेकिन कानून व्यवस्था को देखने की फुर्सत गहलोत के पास नहीं है। गहलोत स्वयं को संवेदनशील होने का दावा करते हैं, लेकिन बच्चियों के साथ हो रहे बलात्कार के मामलों में कोई सख्त कार्यवाही नहीं करते हैं। प्रियंका गांधी यदि वाकई दुष्कर्म पीडि़ताओं के साथ हमदर्दी रखती है तो उन्हें राजस्थान भी आना चाहिए। जब प्रियंका गांधी हाथरस जा सकती हैं तो फिर राजस्थान के अजमेर, बांरा और सीकर में क्यों नहीं आ सकती है? क्या प्रियंका गांधी दुष्कर्म के मामलों में भी राजनीतिक नजरिए से देखती हैं?
जयपुर में भी गैंगरेप:
राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा क्षेत्र में भी एक युवती के साथ गैंगरेप का मामला 1 अक्टूबर को सामने आया है। विश्वकर्मा पुलिस स्टेशन पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने पहले युवती के पति को शराब पिलाई और फिर होटल में ले जाकर तीन युवकों ने बलात्कार किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जयपुर की घटना से प्रतीत होता है कि प्रदेश की राजधानी में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
बांरा की घटना से तुलना करना दुर्भाग्यपूर्ण-सीएम:
1 अक्टूबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बलात्कार की घटनाओं पर ट्वीट किया है। सीएम ने राजस्थान के बांरा में हुई घटना पर खेद तो जताया, लेकिन कहा कि बांरा की घटना की तुलना उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना से करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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