- अलवर की विशेष अदालत ने चार बलात्कारियों को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई।
- फैसले के बाद रिटायर हो गए न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा।
- डोटासरा ने सजा को कांग्रेस सरकार की उपलब्धि बताया।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अप्रैल 2019 में राजस्थान के अलवर जिले के थाना गाजी में हुए बहुचर्चित गैंगरेप के चारों आरोपियों को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है, जबकि गैंगरेप का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले आरोपी मुकेश को तीन व पांच वर्ष की सजा दी गई है।
मरतेदम तक जेल में रहने वाले बलात्कारी हैं इंद्राज गुर्जर, अशोक गुर्जर, हंसराज तथा छोटेलाल। इन चारों ने दलित वर्ग की एक विवाहिता के साथ तब गैंगरेप किया जब वह अपने पति के साथ मोटर साइकिल पर जा रही थी। इस गैंगरेप का शर्मनाक पहलू यह भी है कि रेप का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया था। इस वीडियो में पीडि़ता हाथ जोड़कर बार बार आग्रह कर रही है कि अब और बलात्कार नहीं किया जाए। लेकिन राक्षस बने चारों आरोपी बार बार बलात्कार करते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ गुस्सा प्रदर्शित किया गया।
गैंगरेप के मामले की सुनवाई अलवर की एससी एसटी की विशेष अदालत में हुई। कोई 17 माह की सुनवाई के बाद 6 अक्टूबर को न्यायालधी बृजेश कुमार शर्मा ने अपना फैसला सुनाया। अपने फैसले में न्यायाधीश शर्मा ने थाना गाजी गैंगरेप मामले को महाभारत के दौरान द्रोपदी के चीरहरण और राम काल में माता सीता के अपहरण से भी जघन्य बताया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि यह घटना समाज को झकझोरने वाली है।
आरोपियों जितनी सजा दी जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि सजा का उद्देश्य अपराध को रोका है। इस मामले मेंं हंसराज को मुख्य अभियुक्त माना गया। हंसराज को मरतेदम तका कठोर सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने आरोपियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह राशि पीडि़ता को दी जाएगी। गैंगरेप के फैसले के बाद न्यायाधीश शर्मा भी सेवानिवृत्त हो गए।
सजा को सरकार की उपलब्धि बताया:
सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने थाना गाजी गैंगरेप के आरोपियों को सजा मिलने को सरकार की उपलब्धि बताया। डोटासरा ने कहा कि इस घटना को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गंभीरता के साथ लिया और सरकार की मंशा रही कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले। यही वजह रही कि 17 माह में अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। इस मामले में सरकारी वकीलों को भी विशेष निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसी घटनाओं पर सरकार हमेशा सख्त कदम उठाती है।







