दरगाह कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान के अहम के कारण ख्वाजा साहब की दरगाह का छतरीगेट चौड़ा नहीं हो सका।

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  • दरगाह के विकास में रोड़ा बनी हुई है दरगाह कमेटी-अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन।
  • भाजपा नेता पठान के दोनों हाथ में लड्डू।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – जब किसी नेता के दोनों हाथ में लड्डू होते हैं तो उसका अहम सातवें आसमान पर होता है। ऐसा ही कुछ भाजपा नेता अमीन पठान के साथ हो रहा है। भाजपा की राजनीति में पठान को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का समर्थक माना जाता है। राजे की वजह से केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्त्यार अब्बास नकवी ने पठान को दोबारा से अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह में आंतरिक इंतजाम करने वाली प्रबंध कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत करवा दिया।
इधर भाजपा में घुसपैठ की वजह से पठान दरगाह कमेटी के अध्यक्ष बने हुए हैं तो उधर क्रिकेट के पदाधिकारी होने के नाते राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। चूंकि मौजूदा समय में एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोते विराजमान है, इसलिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार में पठान की तूती बोलती है। जब दोनों हाथ में लड्डू हैं तो फिर अहम सातवें आसमान पर होगा ही। इस अहम की वजह से ख्वाजा साहब की दरगाह का विकास अवरुद्ध हो रहा है। विगत दिनों जायरीन की सुविधा के लिए खादिमों की संस्था अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव वाहिद हुसैन अंगाराशाह ने छतरी गेट संख्या चार को चौड़ा करवाने का काम शुरू करवाया तो अमीन पठान ने दरगाह कमेटी को निर्देश देकर काम बंद करवा दिया तथा निर्माण का सामान जब्त कर लिया।

 

पठान ने इस बात का भी ख्याल नहीं रखा कि यह कार्य जायरीन की सुविधा के लिए है तथा अंजुमन ने शुरू किया है। एक सप्ताह पहले जब्त सामान को अभी तक भी नहीं छोड़ा है। पठान के इस कृत्य से खादिम समुदाय में रोष व्याप्त है। इस संबंध में अंजुमन के सचिव वाहिद हुसैन अंगाराशाह ने कहा कि दरगाह के अंदर सभी धाम्रिक रस्में खादिमों द्वारा ही करवाई जाती है। जायरीन की खिदमत भी खादिम करते हैं। दरगाह के गेट नम्बर 4 को जायरीन की सुविधा के लिए चौड़ा किया जा रहा था। इस कार्य का दरगाह कमेटी को स्वागत करना चाहिए था। गेट पर होने वाला खर्च भी अंजुमन के द्वारा होता है। यदि दरगाह कमेटी विकास कार्यों में ही सहयोग नहीं करेगी तो फिर कमेटी का क्या फायदा? अंगाराशाह ने कहा कि खादिम समुदाय हमेशा ही अमीन पठान को सहयोग करता आया है, लेकिन अब पठान का व्यवहार गैर ज़िम्मेदाराना हो गया है। पठान को लगता है कि वे प्रशासन के दम पर दरगाह के अंदर अपनी हुक़ूमत चला लेंगे। उन्होंने कहा कि दरगाह के अंदर होने वाले करोड़ों रुपए के विकास कार्य भी खादिमों के माध्यम से होते हैं। खादिमों के सहयोग के बगैर अमीन पठान भी दरगाह के अंदर कोई काम नहीं करवा सकते हैं। अंजुमन ने दरगाह कमेटी के हर सकारात्मक कार्यों में सहयोग किया है।

 

पठान का अहम:
अमीन पठान के अहम से इन दिनों दरगाह कमेटी का काम काज भी प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार पठान के व्यवहार के कारण ही कमेटी के नाज़िम शकील अहमद लम्बी छुट्टी पर चले गए हैं। शकील की अब नाज़िम के पद पर काम करने की कोई रुचि नहीं है। पठान ने अपने प्रभाव से नए नाज़िम की नियुक्ति के लिए आदेश जारी करवाए हैं। हालांकि नाज़िम की नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन पठान चाहते हैं नाज़िम के पद पर उनका पंसदीदा अधिकारी ही नियुक्त हो। इसे पठान का प्रभाव ही कहा जाएगा कि सहायक नाज़िम को फिलहाल नाज़िम का चार्ज दे रखा है। नाज़िम बनने के लिए सहायक नाज़िम मोहम्मद आदिल ने भी आवेदन कर रखा है। क्योंकि केन्द्र की भाजपा सरकार और राज्य की कांग्रेस सरकार में पठान की दखलंदाज़ी है, इसलिए पठान का अहम सातवें आसमान पर है।

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