अजमेर की आरजी एकेडमी ने कोटा के दिग्गज कोचिंग सेंटरों का मिथक तोड़ा।

  • इस एकेडमी के 76 स्टूडेंट्स जेईई एडवांस परीक्षा में सफल।
  • अब देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – यह कोई जरूरी नहीं कि राजस्थान के कोटा के दिग्गज कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने से ही जेईई एडवांस परीक्षा में सफल हुआ जा सकता है। यदि किसी संस्थान में सही मार्गदर्शन मिले तो भी स्टूडेंट परीक्षा में सफल हो सकते हैं। भले ही ऐसा कोचिंग संस्थान अजमेर जैसे शहर में क्यों न हो? संस्थान से ज्यादा संस्थान के शिक्षकों की योग्यता और पढ़ाने के तरीके का महत्व होता है।

 

 

चूंकि अजमेर में संचालित आरजी एकेडमी के निदेशक गिरीश जैन, रत्नेश दयाल भी अपने स्टूडेंट के साथ पूरी मेहनत करते हैं, इसलिए परीक्षा के परिणाम भी अच्छे आते हैं। 5 अक्टूबर को घोषित जेईई एडवांस परीक्षा के परिणाम में अजमेर की आरजी एकेडमी के 76 स्टूडेंटस को सफलता मिली है। अब सफल स्टूडेंटस देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश पा सकेंगे। इस संबंध में दोनों निदेशकों का कहना है कि संस्थान में पूरे कोर्स के दौरान नियमित टेस्ट, उनके सटीक एनालिसिस के साथ साथ स्टूडेंट की रेग्यूलर मॉनेटरिं भी की जाती है।

 

 

अजमेर में रहने वाले स्टूडेंट अपने परिवार के साथ भी रह सकते हैं। जैन और दयाल का कहना रहा कि यदि स्टूडेंट अपने परिवार के साथ रह कर परीक्षा देते हैं तो परिणाम ज्यादा अच्छे आते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक माहौल में विद्यार्थियों को अब अपने परिवार के साथ ही रहना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि कोटा जैसे शहर में जाकर पढ़ाई करने से अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। परिवार से अलग रहने वाले विद्यार्थी आत्महत्या तक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके सिविल लाइन स्थित संस्थान में स्टडी का माहौल भी बेहद अच्छा है। 5 अक्टूबर को जेईई एडवांस की परीक्षा को जो परिणाम आया है उसमें आरजी एकेडमी में पढऩे वाले साहिल बंसल ने 261 अंकों के साथ ऑल इंडिया रेंक में 205वां स्थान प्राप्त किया है, इसी प्रकार प्रथम जैन ने 226 अंकों के साथ 656वां रेंक प्राप्त किया है। कर्त्तव्य डामोर ने एसटी में ऑल इंडिया रेंक में 31वां स्थान प्राप्त किया है। अतीशय जैन ने 218 अंक प्राप्त कर 813वां, पार्थ मनियार ने 214 अंक प्राप्त कर 900वां रेंक प्राप्त किया। कार्तिक आर्य ने 1895वां, चिराग शारदा 2107वां, रचित मिरानी ने 2176वां, अंशु मेहता ने 3783वां, वरुण गुरनानी ने 4597वां, हार्दिक सेन ने 4711वां, यश वैष्णव ने 4987वां रेंक प्राप्त किया। आरजी एकेडमी के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9414363922 पर निदेशक गिरीश जैन से ली जा सकती है।

 

 

कठिन हो रही है परीक्षा-डॉ. मल्होत्रा:
अजमेर के राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य रहे और फ़िज़िक्स के विशेषज्ञ डॉ. डीआर मल्होत्रा ने कहा कि अब इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा प्रति वर्ष कठिन हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा अतिरिक्त जानकारी की जरुरत होती है। यह जरूरी नहीं कि विद्यार्थी पुस्तकों में जो पढ़ रहा है, उसी के अनुरूप प्रश्न पत्र भी आए। चूंकि अब प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है, हर विद्यार्थी सफल होना चाहता है। कोई भी विद्यार्थी मेहनत करने में कसर नहीं छोड़ता है। लेकिन मेहनत के साथ साथ प्रश्न पत्र हल करने की तकनीक भी आनी चाहिए। जो संस्थान अपने विद्यार्थियों को प्रश्न हल करने की नई तकनीक सिखाते हैं, उन्हीं संस्थानों के विद्यार्थी परीक्षा में सफल होते हैं। डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान इस बात का भी ज्ञान होना चाहिए सबसे पहले किन प्रश्नों को हल किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से अजमेर की आरजी एकेडेमी विद्यार्थियों की अपेक्षा पर खरी उतर रही है।

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