जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर के रातीडांग क्षेत्र से भाजपा के पार्षद रहे चन्द्रेश सांखला को 7 अक्टूबर को क्रिश्चियनगंज पुलिस ने धोखाधड़ी के एक प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि सांखला ने राजीव शर्मा के हस्ताक्षर कर 50 गज भूमि को अपने नाम कर लिया।
इस मामले में अजमेर विकास प्राधिकरण में भी सांखला की ओर से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान भी सांखला ने स्वयं को निर्दोष बताया। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण की जांच कई स्तर पर हुई और सभी जांच में सांखला को दोषी पाया गया। उल्लेखनीय है कि सांखला ने भाजपा के ही पार्षद रहे वीरेन्द्र वालिया और पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सांखला ने तब खलबली मचा दी थी, जब यह आरोप लगाया कि नगर निगम के सभी पार्षदों को सफाई ठेकेदार के माध्यम से प्रतिमाह नोटों से भरा लिफाफा प्राप्त होता है।
इस आरोप के बाद निगम की साधारण सभा में भी जबरदस्त हंगामा हुआ। हालांकि मेयर गहलोत ने तब सांखला के आरोपी से इंकार किया था। माना जा रहा है कि सांखला भाजपा की आंतरिक राजनीति का शिकार हुए। सांखला ने लॉकडाउन के दौरान जनता रसोई का संचालन कर बड़ी संख्या में भोजन के पैकेट भी वितरित किए थे।







