- कार्यकर्ताओं ने अब कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा नेता अमीन पठान के खिलाफ प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।
- क्रिकेट संघ के जिला अध्यक्ष इलियास कुरैशी को भी लाभ पहुंचाने का आरोप।
- पठान क्रिकेट एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आंतरिक इंतजाम करने वाली प्रबंध कमेटी में हो रही अनियमितताओं की जानकारी मांगने वाले छह आरटीआई कार्यकर्ताओं को अब ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। यानि अब ये कार्यकर्ता आरटीआई कानून के तहत कोई सूचना मांगेंगे तो इनके आवेदन फाइल कर दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि दरगाह कमेटी केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन संचालित है तथा कमेटी पर सूचना का अधिकार कानून लागू होता है। जिन कार्यकर्ताओं को सूचना मांगने से रोका गया है, उन्होंने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलता मंत्री मुख्त्यार अब्बास नकवी को पत्र लिखा है। इस पत्र में दरगाह कमेटी में हो रही अनेक अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। आरोप लगाया गया है कि दरगाह कमेटी की सम्पत्तियों को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। इससे कमेटी को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा के नेता अमीन पठान नहीं चाहते कि कमेटी की कार गुजारियां उजागर हो।
इसलिए सूचना मांगने पर रोक लगाई गई है। जबकि दरगाह कमेटी को ऐसी रोक लगाने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। दरगाह कमेटी का कामकाज जायरीन द्वारा दी गई दान की राशि से चलता है। ऐसे में कमेटी का कामकाज पारदर्शी होना चाहिए। हम दरगाह कमेटी की सम्पत्तियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं, जबकि कमेटी के अध्यक्ष पठान ऐसा नहीं चाहते। कार्यकर्ताओं ने पठान पर मानहानि का दावा करने की धमकी भी दी है।
इन मामलों की जानकारी मांगी:
आरटीआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि दरगाह के निकट हवेली दीवान साहब में बने पोस्ट ऑफिस को खाली करवाने और दरगाह कमेटी के एक कर्मचारी को अनाधिकृत तौर पर दुकान देने के मामले में जानकारी मांगी गई थी। इसी प्रकार दरगाह कमेटी की सम्पत्ति में से एक दुकान इलियास कुरैशी को देने का मामला भी गंभीर है। कुरैशी जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री को पत्र में बताया गया कि अमीन पठान राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं। चूंकि पठान के कहने से ही कुरैशी ने अपना वोट राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को दिया था, इसलिए अब दोस्ती निभाई जा रही है।
पठान की सक्रियता से ही वैभव गहलोत क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे। चिल्ला ख्वाजा साहब की सम्पत्ति का मुकदमा दरगाह कमेटी के पक्ष में हुआ। लेकिन कमेटी ने अभी तक भी सम्पत्ति का कब्जा नहीं लिया है। स्टेशन रोड स्थित चिश्ती चमन सराय में गुलाब जल व इत्र बनाने के लिए कुछ लोगों को दुकानें दी गई थी, लेकिन काम बंद हो जाने के बाद भी दुकानें खाली नहीं करवाई गई हैं। कायड़ विश्राम स्थली पर ख्वाजा गरीब नवाज सीनियर सैकंडरी स्कूल बनाने के लिए दरगाह कमेटी ने नई दिल्ली के मौलाना आजाद एज्युकेशन फ़ाउंडेशन के साथ एक अनुबंध किया। पांच वर्ष गुजर जाने के बाद भी स्कूल का काम शुरू नहीं हो सका है। जबकि स्कूल के नाम पर देश-विदेश से चंदा एकत्रित किए जाने की खबरें लगाता आ रही है। जबकि दरगाह कमेटी के एक्ट के मुताबिक दरगाह नाजिम के अलावा कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था चंदा एकत्रित नहीं कर सकती है। चूंकि हम लोग दरगाह कमेटी की अनियमितताओं पर नजर रखे हुए हैं,इसलिए कमेटी के अध्यक्ष पठान ने ब्लैक लिस्ट करवाया है। पत्र में दरगाह कमेटी के अधीन चलने वाले गेस्ट हाउस को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इन्हें किया ब्लैक लिस्ट:
दरगाह कमेटी ने जिन कार्यकर्ताओं को ब्लैक लिस्ट किया है, उनमें काजी मुनव्वर अली, पीर नफीस मियां चिश्ती, काजी अनवर अली, उस्मान खान घडिय़ाली, जयकिशन मंघानी तथा शेख यूसुफ हैं।







