राष्ट्रभक्ति की बात करने वाले रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर अर्नब गोस्वामी को चारों ओर से घेरने की कोशिश।

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  • अभिनेता सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान भी अब शिवसेना और उद्धव ठाकरे के साथ हुए।
  • ऐसी कार्यवाहियों से उन ताकतों को बल मिलेगा जो भारत की सनातन संस्कृति को दूषित करना चाहते हैं।
  • देश की एकता और अखंडता को भी खतरा।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – देश में किस तरह की विचारधारा सक्रिय है, इसका अंदाजा जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला के ताजा बयान से लगाया जा सकता है। फारुख ने कहा है कि कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 को लागू करवाने में चीन की मदद लेने पर भी कोई एतराज नहीं है। सब जानते हैं कि फारुख अब्दुल्ला पहले पाकिस्तान से मदद की दरकार रखते थे, लेकिन अब जब भारत ने पाकिस्तान को कमजोर कर दिया है तो फारुख अब्दुल्ला चीन के कंधों पर सवार हो गए हैं। पाकिस्तान और चीन की मदद चाहने वाले फारुख अब्दुल्ला फिर भी भारत के नागरिक बने हुए हैं। इतना ही नहीं फारुख अब्दुल्ला लोकसभा के सांसद भी हैं। यानि भारत में ऐसी विचारधारा सक्रिय है जो देश की एकता और अखंडता को तोडऩे के साथ साथ सनातन संस्कृति को खराब करना चाहते हैं।

 

 

 

सब जानते हैं कि अनुच्छेद 370 के प्रभावी रहने से जम्मू कश्मीर में मंदिरों को तोड़ा गया तथा चार लाख हिन्दुओं को पीट पीट कर भगा दिया। अब जब कश्मीर के हालात सामान्य होने लगे हैं, तब फारुख अब्दुल्ला चीन की मदद से कश्मीर में दोबारा से अनुच्छेद 370 को प्रभावी करना चाहते हैं। फारुख अब्दुल्ला जैसे लोगों के खिलाफ ही रिपब्लिक टीवी ने आवाज उठाई है। इसलिए अब इस टीवी चैनल और एडिटर अर्नब गोस्वामी को घेरने की कोशिश हो रही है। चूंकि महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से चल रही है, इसलिए कई विचारधाराओं का मेल हो गया है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सानियाल की मौत के प्रकरण में रिपब्लिक टीवी ने महाराष्ट्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया, इसलिए पहले शिवसेना ने रिपब्लिक के खिलाफ कार्यवाही की और सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान जैसे अभिनेता भी रिपब्लिक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंच गए है। चूंकि ऐसे अभिनेताओं का वर्षों से मुम्बई की फिल्म इंडस्ट्री में दबदबा है, इसलिए कई फिल्म निर्माता भी रिपब्लिक के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।

 

 

 

 

अब यह दिखाने की कोशिश की जा रही है पूरी फिल्म इंडस्ट्री रिपब्लिक के खिलाफ हैं। सवाल उठता है कि सलमान, शाहरुख और आमिर को रिपब्लिक के खिलाफ कोर्ट जाने की क्या जरुरत पड़ी? क्या ये अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री से गंदगी को साफ नहीं करना चाहते हैं? क्या ये अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स को बनाए रखना चाहते हैं? जब ड्रग्स की वजह से फिल्म इंडस्ट्री बदनाम हो रही है, तब कुछ अभिनेता ड्रग्स माफियाओं के बचाव में क्यों आ रहे हैं? दिशा सानियाल की मौत में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार कितनी सक्रिय हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। इसे उद्धव ठाकरे की मजबूरी ही कहा जाएगा कि उन्हें सलमान, शाहरुख और आमिर जैसे अभिनेताओं की मदद मांगनी पड़ रही है।

 

 

 

सवाल यह भी है कि आखिर रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर अर्नब गोस्वामी ने ऐसा क्या कर दिया, जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे से लेकर सलमान खान तक विरोध कर रहे हैं? भले ही सलमान खान और उद्धव ठाकरे को रिपब्लिक टीवी बुरा लगता हो, लेकिन भारत के दर्शकों ने रिपब्लिक टीवी को देश का नम्बर वन न्यूज चैनल बना दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रिपब्लिक ने देशभक्ति की जो नीति अपनाई है, उसे देशवासियों ने पसंद किया है। अब उद्धव ठाकरे की मुम्बई पुलिस तथाकथित टीआरपी घोटाले की जांच करवाती रहे, लेकिन देशवासियों ने अर्नब के चैनल को पहले नम्बर पर खड़ा कर दिया है। चैनल की लोकप्रियता का अंदाजा इसे से लगाया जा सकता है कि सलमान, शाहरुख और आमिर खान जैसे अभिनेता कोर्ट पहुंच गए। सब जानते हैं कि दबंगों की वजह से किस तरह फिल्में बन रही हैं।

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