- उपभोक्ता की जागरुकता भी जरूरी।
- केकड़ी की मित्तल ऑयल प्रा. लिमिटेड मिल का तेल ही असली और शुद्ध है।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – बाजार में जब भी किसी ब्रांड की मांग अधिक होती है तो नकल करने वाले सक्रिय हो जाते हैं, इससे उपभोक्ताओं के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। अनजाने में ही दूषित खाद्य सामग्री का इस्तेमाल हो जाता है। शरीर पर सबसे ज्यादा बुरा असर खाद्य तेल डालते हैं। चूंकि नकल करने वालों की स्वास्थ्य विभाग से सांठगांठ होती है, इसलिए नकल करने वालों के उत्पाद की गुणवत्ता की जांच भी नहीं होती। कई बार तो जांच के नाम पर असली तेल के निर्माता को ही तंग किया जाता है। बाजार में इन दिनों पोस्टमैन मूंगफली के फिल्टर तेल की अधिक मांग है।
यही वजह है कि तेल के बाजार में नकल करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। चूंकि पोस्टमैन तेल का लोगो और नाम दोनों भारत सरकार के ट्रेंड मार्क कानून में रजिस्टर्ड है, इसलिए नकल करने वाले संस्थान तेल के टिन पर पोस्टमैन शब्द तो बड़ा लिखते हैं। उपभोक्ताओं को लगता है कि यही पोस्टमैन असली तेल है। इस मामले में उपभोक्ता को ही जागरुकता दिखानी होगी। मूंगफली का शुद्ध पोस्टमैन तेल राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी में तैयार होता है। केकड़ी की मित्तल ऑयल प्राइवेट लिमिटेड फर्म के निदेशक अनिल मित्तल ने बताया कि उनकी मिलों में गुणवत्ता वाली मूंगफली के दाने से तेल निकाला जाता है और सिर्फ फिल्टर (छानकर)15 किलो के टिन पर अन्य बोतलों में भरा जाता है। तेल में किसी प्रकार का केमिकल नहीं मिलाया जाता। मूंगफली के दानों से निकला तेल स्वास्थवद्र्धक होता है।
हमारी ऑयल मिल में तैयार तेल के टिन पर पोस्टमैन की फोटो (लोगो) भी अंकित होता है। चूंकि पोस्टमैन का चिन्ह भी रजिस्टर्ड है, इसलिए अन्य ऑयल कंपनियां इस चिन्ह का उपयोग अपने उत्पाद पर नहीं कर सकती है। कानून के तहत तो कोई भी ऑयल कंपनी पोस्टमैन शब्द का उपयोग भी नहीं कर सकती है। इस कानून में अहमदाबाद की फर्म हिन्दुस्तान सेल्स द्वारा निर्मित पोस्टमैन तेल के उत्पादन पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। राजस्थान के ब्यावर में तैयार हो रहे कुंदन पोस्टमैन ऑयल के मिल मालिकों के खिलाफ भी ट्रेडमार्क अधिनियम में कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ कारोबारी पोस्टमैन की गुडविल और लोकप्रियता को गलत तरीके से भुनाने में लगे हुए हैं। अभी हाल में ही मध्यप्रदेश के नीमच में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पार्वती पोस्टमैन ऑयल को बड़ी मात्रा में जब्त किया है।
जांच में पाया गया कि इस तेल में सोयाबिन का तेल मिला हुआ है। विभाग ने कोर्ट के आदेश से पांच हजार लीटर पार्वती पोस्टमैन तेल को नष्ट किया है। इतना ही नहीं पार्वती पोस्टमैन तेल का उत्पादन करने वाली अजमरे की पार्वती ऑयल मिल के मालिकों के विरुद्ध 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पार्वती पोस्टमैन तेल बेचने वाली नीमच की फर्म एसआर एंटरप्राइजेज पर भी 25 हजार रुए का जुर्माना लगाया गा। यानि कोर्ट ने ऑयल बनाने वाली मिल के मालिकों और तेल बेचने वाले डीलर दोनों को आरोपी माान। जो डीलर पोस्टमैन के नाम पर अन्य तेल बेचते है, वे भी क़ानूनन अपराधी हैं। असली और शुद्ध पोस्टमैन ऑयल के बारे में और अधिक जानकारी फर्क के निदेशक अनिल मित्तल से मोबाइल नम्बर 9928021482 पर ली जा सकती है।







