- एमएसपी पर जल्द होगी मूंगफली की खरीद। किसानों को घबराने की जरुतर नहीं-सांसद भागीरथ चौधरी।
- गहलोत सरकार कर रही है कृषि सुधार कानूनों का विरोध।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान में नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फैडरेशन (नैफेड) के द्वारा 20 अक्टूबर से मूंगफली खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जाने थे, लेकिन नैफेड ने ऐन मौके पर खरीद को टाल दिया। तर्क दिया जा रहा है कि गोदामों में गत वर्ष की मूंगफली जमा है, इसलिए नई फसल की मूंगफली रखने की जगह नहीं है। राजस्थान में इस बार मूंगफली की बम्बर खेती हुई है। एक अनुमान के मुताबिक कोई 20 लाख टन मूंगफली की पैदावार होगी। ऐसे में नैफेड द्वारा खरीद को टालने से प्रदेश के किसानों में घबराहट हो गई है।
यह घबराहट उस समय और बढ़ जाती है, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दावा करते हंै कि नए कृषि सुधार कानून लागू कर केन्द्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है। गहलोत का आरोप है कि कृषि के क्षेत्र में बड़े कारोबारी आएंगे तो किसानों का शोषणा होगा। गहलोत का कहना है कि केन्द्र सरकार के कानूनों की राज्य विधानसभा में समीक्षा की जाएगी और सरकार यह देखेगी कि कानून को किस तरह राजस्थान में लागू किया जाए। ऐसे आरोपों के चलते ही मूंगफली की सरकारी खरीद को टाला गया है। तब किसानों के मन में भी अनेक सवाल उठते हैं। सवाल यह भी है कि जब गोदाम भरे हुए थे तो पहले से वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? एमएसपी पर खरीद के टालने की जिम्मेदारी किसकी है? सवाल यह भी है कि गोदामों में भरी मूंगफली को बेचने का काम क्यों नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार गत वर्ष नैफेड ने प्रदेश में दो लाख टन मूंगफली खरीदी थी, इसमें से मात्र 75 हजार टन मूंगफली की बिक्री हुई है। यानि गोदामों में एक लाख 25 हजार टन मूंगफली भरी पड़ी है। हो सकता है कि कोरोना काल में हुए लॉकडाउन में मूंगफली की बिक्री नहीं हो सकी।
जल्द होगी खरीद:
अजमेर से भाजपा के सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि किसी भी किसान को घबराने की जरुरत नहीं हैं। उन्होंने 20 अक्टूबर को ही नैफेड के बड़े अधिकारियों से बात की है। प्रदेश में 18 नवम्बर से मूंगफली की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 275 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से होनी है। यह खरीद तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। नैफेड जल्द ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करेगा। चौधरी ने कहा कि जो लोग कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, वे वाकई किसानों के दुश्मन हैं। नए कानून में राजस्थान में मूंगफली उगाने वाला किसान देश के किसी भी हिस्से में जाकर मूंगफली को बेच सकता है। इसके लिए किसानों को नि:शुल्क स्पेशल ट्रेन उपलब्ध करवाई जाएगी और जब किसान की मूंगफली उसके खेत पर ही एमएसपी से अधिक दर पर खरीद ली जाएगी तो बाजार में आने की जरुरत नहीं पड़ेगी। सांसद चौधरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह किया है कि वे नए कानून को प्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू करवाने में सहयोग करें। गहलोत को पहले किसानो का हित देखना चाहिए।
बाजार में मूंगफली का भाव 4 हजार 500 रुपए है:
खुले बाजार में नई फसल की मूंगफली बिक्री के लिए आ गई है। बाजार में 4 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से मूंगफली बिक रही है। एमएसपी पर मूंगफली बेचने पर किसान को दो तीन माह बाद भुगतान होता है, जबकि खुले बाजार में हाथों हाथ भुगतान मिल जाता है। राजस्थान में जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में मूंगफली खेती ज्यादा होती है।







