- निगम चुनाव में कांग्रेस नहीं कर रही मुसलमानों का सम्मान।
- आमेर से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया विधायक हैं।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 3 नवम्बर को होने वाले जयपुर नगर निगम के चुनाव में 20 अक्टूबर को कांग्रेस को तब झटका लगा, जब आमेर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शहजाद खान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। शहजाद ने आरोप लगाया कि विधायकों के दबाव में नगर निगम के चुनाव में मुसलमानों की उपेक्षा की जा रही है।
मुस्लिम उम्मीदवार नहीं बनाने से आम मुसलमानों में कांग्रेस के प्रति नाराज़गी है। शहजाद ने दावा किया कि उनके साथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शहजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास के संकल्प के कारण देश का अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा से जुडऩे लगा है। अब अल्पसंख्यक समुदाय को और अधिक संख्या में जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। शहजाद ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और आमेर के विधायक डॉ. सतीश पूनिया की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। शहजाद ने कहा कि डॉ. पूनिया में सबको साथ लेकर चलने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनाव में अब भाजपा के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कराने में अल्पसंख्यक समुदाय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विधायक पूनिया के प्रयास:
अपने निर्वाचन क्षेत्र आमेर के कांग्रेस के अध्यक्ष को ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाने में विधायक डॉ. सतीश पूनिया की प्रभावी पहल रही है। निगम चुनावों में इस बार मुस्लिम बहुल्य वार्डों से भाजपा ने भी मुस्लिम उम्मीदवार ही उतारे हैं। भाजपा की इस रणनीति से कांग्रेस में खलबली है। अल्पसंख्यक समुदाय में शहजाद खान की छवि साफ सुथरी मानी जाती है। शहजाद के अचानक भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को झटका लगा है।







