राजस्थान के 6 निगमों के 560 पार्षद 3 नवम्बर को तय हो जाएंगे।

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  • भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी की।
  • जीतने वालों की 10 नवम्बर तक मौज।
  • 3 नवम्बर को मत गणना स्थलों पर होगी छीना झपटी।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 1 नवम्बर को राजस्थान के 6 नगर निगमों में मतदान की पक्रिया पूरी हो गई। जयपुर, जोधपुर और कोटा के दो दो नगर निगमों के चुनावों की मत गणना 3 नवम्बर को होगी। चूंकि 10 नवम्बर को मेयर का चुनाव होगा, इसलिए भाजपा और कांग्रेस दोनों में ही अपने अपने उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है।

 

3 नवम्बर को जो उम्मीदवार जीत जाएगा, उसे बाड़े में ही रखा जाएगा। चूंकि 10 नवम्बर को मेयर का चुनाव होना है, इसलिए नवनिर्वाचित पार्षदों की 10 नवम्बर तक मौज रहेगी। 3 नवम्बर को जब मतगणना स्थल पर विजेता का नाम घोषित किया जाएगा तो मतगणना स्थल के बाहर छीना झपटी के दृश्य देखने को मिलेंगे। निर्दलीय पार्षदों की छीना झपटी अनोखे अंदाज में होगी। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने जीत का दावा किया है।

 

इसलिए कोई भी दल पार्षदों की संख्या बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। राजस्थान की जनता ने गत जुलाई और अगस्त माह में विधायकों की बाड़ाबंदी देखी है। तब विधायकों को घोड़ों की संज्ञा दी गई। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना रहा कि 35-35 करोड़ रुपए में घोड़े खरीदे जा रहे हैं। स्वभाविक है कि अब पार्षदों की बोली भी लगेगी। चूंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए भाजपा को अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को ज्यादा संभाल कर रखने की जरुरत है।

 

सब जानते हैं कि जुलाई-अगस्त में 200 में से 100 विधायक सीएम गहलोत के साथ एक माह तक होटलों में रहे थे। जबकि कांग्रेस के 18 विधायक सचिन पायलट के नेतृत्व दिल्ली में रहे। कुछ दिनों के लिए भाजपा ने भी अपने विधायकों को होटल में रखा। अब देखना होगा कि 3 नवम्बर के बाद नवनिर्वाचित पार्षदों को किस होटल अथवा रिसोर्ट में रखा जाता है। दोनों ही दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों को एकजुट करना शुरू कर दिया है। चंूकि मेयर के चुनाव में सात दिन का अंराल है इसलिए सौदेबाजी लम्बी चलेगी।

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