दीपावली का पर्व 14 नवम्बर को है। स्वास्थ्य कारणों से राजस्थान में सरकार ने 30 नवम्बर तक पटाखों की बिक्री और जलाने पर रोक लगा दी है।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान में इस बार दीपावली के अवसर पर पटाखों की आवाज शायद ही सुनाई दे। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य कारणों से पटाखों की बिक्री और जलाने पर 30 नवम्बर तक रोक लगा दी है। इस आदेश का उल्लंघन कर पटाखे बेचने वाले विक्रेता से 10 हजार तथा जलाने वाले व्यक्ति से 2 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। प्रदेश भर में सरकार के इस आदेश के अनुरूप जुर्माना वसूलना शुरू भी हो गया है।
सरकार के इस आदेश को राजस्थान फायर वक्र्स डीलर्स एंड मैन्यू फ्रैक्चरर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर 9 नवम्बर को जयपुर स्थित हाईकोर्ट की डबल बैंच में सुनवाई हो सकती है। हालांकि याचिका में पटाखा निमार्ताओं और विक्रेताओं ने अपने तर्क दिए हैं, लेकिन इन तर्कों पर कोर्ट से शायद ही राहत मिल पाए। याचिका में कहा गया है कि राजस्थान में 600 करोड़ रुपए का पटाखा कारोबार है। हजारों लोगों को इससे रोजगार मिलता है।
पटाखे भी केन्द्र सरकार के नियमों के अनुरूप प्रदूषण रहित बनाए गए हैं। यदि दीपावली पर पटाखे जलाने की अनुमति नहीं मिलती है तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। पटाखे फुटकर व्यापारी की दुकान तक पहुंच गए हैं। अस्थाई लाइसेंस के लिए प्रदेश भर में फुटकर व्यापारियों ने जिला मजिस्ट्रेट के यहां आवेदन भी कर दिया है। कोर्ट से आग्रह किया गया है कि दीपावली पर सीमित मात्रा में पटाखे जलाने की अनुमति दी जाए। वहीं सरकार का तर्क है कि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को पहले ही सांस लेने में तकलीफ हो रही है। पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं की वजह से सांस की तकलीफ और ज्यादा बढ़ सकती है। सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए ही दीपावली के अवसर पर पटाखों की बिक्री और जलाने पर रोक लगाई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि देश में राजस्थान और उड़ीसा की सरकारों ने ही दीपावली पर पटाखों पर रोक लगाई है।







