वैक्सीन पर भारत की आत्मनिर्भरता

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मुंबई (विशेष प्रतिनिधी) – जब से इस पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ा है, तब से ही दुनियाभर के अनेक देश कोरोना की दवाई और वैक्सीन तैयार करने में लगे हुए हैं और अब नए साल पर भारतवासियों को भी कोरोना की वैक्सीन की बड़ी खुशखबरी मिल गई है। कोरोना वैक्सीन पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने बड़ा ऐलान किया है, भारत को एक नहीं बल्कि दो-दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिली हैं।

कोरोना वैक्सीन पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ‘कोविशील्ड’ (Covishield) कोरोना वैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की अंतिम मुहर लगा दी है। DCGI द्वारा अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब ये वैक्सीन देश में आम लोगों को लगाई जा सकेगी। हालांकि, इससे पहले SEC ने 1 जनवरी को कोविशील्ड और 2 जनवरी कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश DCGI से की थी और आज यह घड़ी आ ही गई जब DCGI ने इस पर मुहर लगा बड़ी खुशखबरी दी है। दोनों ही वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इसका इस्तेमाल इमरजेंसी की स्थिति में किया जा सकेगा। दोनों ही वैक्सीन की दो-दो डोज इंजेक्शन के रूप में दी जाएंगी। इन दोनों वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान में सुरक्षित रखा जा सकेगा।

भारत में अब तक 4 फार्मा कंपनियों द्वारा कोरोना की वैक्सीन तैयार करने का दावा किया गया है। जिसमें से 2 कंपनियों द्वारा निर्मित वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया जब किसी दवा, ड्रग, वैक्सीन को अंतिम अनुमति देता है, तभी इन दवाओं, वैक्सीन का सार्वजनिक इस्तेमाल हो सकता है।

वैक्सीनेशन को लेकर आमजन अब थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी भी अधिकांश के मन में टीके के प्रभाव को लेकर कई भ्रांतियां हैं। इसके मद्देनजर परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हुए एक पुस्तिका जारी की है, जिसमें टीकाकरण से संबंधित आंशकाओं व भ्रांतियों को दूर किया गया है। साथ ही वैक्सीन की खुराक पूरी करने के लिए 28 दिन के अंदर इसकी दो खुराक लेने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्ट भी किया है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है।

भारत में तैयार कोरोना वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी, जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित वैक्सीन है। वैक्सीन परीक्षण के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित कर ली गई है। सुरक्षा और प्रभाव की डेटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही नियामक निकायों द्वारा वैक्सीन लगाई जाएगी।

कोविड वैक्सीनेशन के लिए पात्र लाभार्थियों को पहले पंजीकरण कराना होगा। उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा सूचित किया जाएगा। पंजीकरण के लिए फोटो के साथ पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए आधार, ड्राइविग लाइसेंस, वोटर आइडी एवं पैन कार्ड, पासपोर्ट, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज व मनरेगा कार्ड, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाणपत्र, बैंक, पोस्ट आफिस द्वारा जारी पासबुक, केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड देना अनिवार्य है।

कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन नहीं प्राप्त कर सकता है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी दी जाएगी। फोटो आईडी पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इच्छित व्यक्ति को वैक्सीन लगाई गई है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन की निश्चित तिथि, स्थान और समय के बारे में मोबाइल पर एसएमएएस प्राप्त होगा। कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लाभार्थी को उनके मोबाइल नंबर पर एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र भी भेजा जाएगा।

कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कम से कम आधे घंटे तक वैक्सीनेशन केंद्र में आराम करना चाहिए। यदि बाद में कोई असुविधा या बेचैनी महसूस होती है तो निकटतम स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम और आशा को इसकी सूचना दें। कोरोना अनुरूप व्यवहारों जैसे मास्क पहनना, हाथ की सफाई और छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखने का पालन करें।

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