जयपूर (एस.पी.मित्तल) – तीन दिन जयपुर में रहने के बाद 9 अगस्त को सीएम अशोक गहलोत एक बार फिर जैसलमर पहुंच गए हैं। जैसलमेर की होटल सूर्यागढ़ में ही गहलोत समर्थक विधायक गत 31 जुलाई से ठहरे हुए हैं। जैसलमेर पहुंचने पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के जिन विधायकों ने बगावत की है उनके क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। सचिन पायलट के नाम लिए बगैर गहलोत ने कहा कि ऐसे विधायकों को जनता ही सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकार को गिराने की परंपरा राजस्थान की नहीं रही है, इसलिए सभी विधायकों को पार्टी लाइन से हट कर सरकार बचाने का काम करना चाहिए। प्रदेश की जनता की भावनाओं को देखते हुए ही मैंने सभी 200 विधायकों को एक पत्र लिखा है। आज लोकतंत्र को बचाने की जरुरत है। कांग्रेस ने 70 सालों तक लोकतंत्र को बचाए रखा, इसलिए आज नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री है। मैंने प्रधानमंत्री जी से भी बात की है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। सब जानते हैं कि अमितशाह किस तरह से सरकार गिराते हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोयिलम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान सहित कई मंत्री मेरी सरकार को गिराने में लगे हुए हैं। लेकिन मैं यह कह देना चाहता हंू कि मेरी सरकार पूरे पांच वर्ष चलेगी। भाजपा ने जो षडय़ंत्र कर्नाटक और मध्यप्रदेश में किया है, वह राजस्थान में सफल नहीं होगा। राजस्थान की जनता मेरे साथ है। मीडिया में चलाया गया कि विधायकों के फोन टेप किए जा रहे हैं। गहलोत ने कहा कि मेरी सरकार में किसी भी विधायक का फोन टेप नहीं किया जाता। भले ही हमारे विधायक होटलों में रह रहे हों, लेकिन सभी को पूर्ण स्वतंत्रता है। गहलोत सरकार की मीडिया में खासकर सोशल मीडिया में अफवाहएं फैलाई जाती है। मेरा लोकतंत्र में विश्वास है। मैं ऐसा कोई काम नहीं करता, जो संविधान के खिलाफ हो। सरकार में कोरोना काल में बेहतर काम किया है। हम कोरोना काल में जनता की मदद कर रहे हैं, तो भाजपा से कुछ नेता हमारे बागी विधायकों के साथ मिल कर सरकार गिराने का काम कर रहे हैं।







