- 11 लाख रुपए की नकद राशि के साथ पकड़े जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं।
- लगातार तीसरे दिन भी नहीं हो सकती सीज मकान की तलाश। अब एसीबी ने भी लगाया असहयोग का आरोप।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान पुलिस में कैसे कैसे शातिर और होशियार थानेदार हैं इसका अंदाजा निलंबित थानेदार केसर सिंह नरुका के ताजा प्रकरण से लगाया जा सकता है। नरुका को 11 अगस्त की रात को नाकाबंदी कर नागौर-अजमेर मार्ग पर बाड़ी घाटी के टोल नोके पर दबोचा गया। नरुका की कार से 11 लाख 36 हजार रुपए नकद तथा 21 बोतल अंग्रेजी शराब की बरामद की गई। एसीबी की अचानक हुई कार्यवाही से एक बार तो नरुका घबरा गया और तीन माह बाद रिटायर होने की दुहाइ देकर बख्शने का आग्रह किया, लेकिन जब टीम के इंचार्ज डीएसपी महिपाल चौधरी ने कोई भी रियायत देने से इंकार कर दिया तो नरुका ने भी पुलिस का कानून सामने रख दिया। यही वजह रही कि एसीबी को 11 लाख रुपए की बरामद राशि के बजाए अंग्रेजी शराब रखने के मामले में थांवला थाने से गिरफ्तारी करवानी पड़ी। एसीबी के पास फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह पता चलता हो कि 11 लाख रुपए की राशि भ्रष्टाचार की है। यही वजह है कि एसीबी ने अभी तक नरुका को गिरफ्तार नहीं किया है7 शराब रखने के मामले में नरुका को कोर्ट से जमानत मिल गई है। अब 11 लाख रुपए की राशि को एक दिन की आयमान एसीबी नरुाक को नोटिस देगी। यानि 11 लाख की राशि के साथ पकड़े जाने के बाद भी नरुका एसीबी की गिरफ्त में नहीं आया है। अब चूंकि नरुका आजाद है, इसलिए 11 लाख रुपए की राशि का ईमानदारी वाला हिसाब भी बता देगा। एसीबी ने 11 अगस्त को नरुका को तब दबोचा था, जब 10 अगस्त को नागौर की एसपी श्वेता धनकड़ ने लाइनहाजिर कर दिया था। खींवसर थाने से हटने के बाद ही नरुका 11 अगस्त की रात को खींवसर से अजमेर आ रहा था। एसीबी को तभी मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि थाने का सामान समेट कर नरुका अजमेर आ रहा है। लेकिन अब नरुका एसीबी को ही चुनौती दे रहा है। यही वजह है कि अजमेर में शास्त्री नगर स्थित आलीशान बंगले की तलाशी भी नहीं हो पा रही है। एसीबी ने बंगले को सीज कर रखा है, लेकिन नरुका को कोई चिंता नहीं है। एसीबी को बंगले से भी बड़ी मात्रा में नकद राशि और सम्पत्तियों के दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। हालांकि अब नरुका को निलंबित करदिया गया है, लेकिन नरुका की दिलेरी में कोई कमी नहीं है। बंगले की तलाशी नहीं करवाकर फिलहाल नरुका एसीबी पर भारी पड़ रहा है। यह दिलेरी तब जब 7 अगस्त को ही डीजीपी के निर्देश पर विजिलेसं टीम ने नरुका से पूछताछ की है। नरुका पर आरोप है कि पूर्व सरपंच मुन्नाराम को अफीम के एक प्रकरण में झूठा फंसाया और राहत देने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपए वसूल लिए। नरुका पर ऐसे कई आरोप बताए जा रहे हैं। अब एसीबी को भी ऐसी कई शिकायतें मिल रही हैं।







