अब सुशांत केस में न्यूज चैनल वाले सीबीआई को जांच करने दें।

चैनल वाले निश्चित रहे क्योंकि अब सीबीआई महाराष्ट्र के मंत्री
आदित्य ठाकरे की कथित भूमिका की भी जांच कर लेगी।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित सुशांत राजपूत हत्या प्रकरण में सीबीआई से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने यह भी आदेश दे दिए हैं कि मुम्बई पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज सीबीआई को सौंप दें। सुशांत की आत्महत्या के बाद न्यूज चैनलों वालों ने जो अभियान चलाया था वह भी पूरा हो गया है। कई चैनल वाले तो पिछले बीस दिनों से सिर्फ सुशांत की खबरेें ही चला रहे थे। इसमें कोई दो राय नहीं कि फिल्म स्टार सुशांत की जबर्दस्त लोकप्रियता है। मौत के बाद भी उनके प्रशंसक कम नहीं हुए। लेकिन जिस तरह से चौबीस घंटे न्यूज चैनलों ने सुशांत की खबरें दिखाई, उसका दर्शकों पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ा। कई न्यूज चैनलों को देखने के लिए दर्शक भुगतान भी करते हैं। ऐसे में दर्शक भी उम्मीद करता है कि उसे जनहित की खबरें दिखाई जाएं। कोई दर्शक नहीं चाहेगा कि उसे जबरन खबरें देखनी पड़े। चैनलों की आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते कोई चैनल वाला सुशांत की खबरों में पीछे नहीं रहना चाहता था। सुशांत केस की जांच महाराष्ट्र और बिहार पुलिस अलग अलग कर रही थी, इसलिए जांच को लेकर सवाल उठ रहे थे। बिहार में खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने मोर्चा संभाल रखा था तो महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता संजय राउत सरकार के प्रवक्ता बने हुए थे। चैनल वालों ने भी खोजपूर्ण रिपोर्टिंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिंदा रिया चक्रवर्ती से लेकर मृतक मैनजर तक के बारे में नई नई जानकारियां दी। जो जानकारी दो राज्यों की पुलिस के पास नहीं थी, तो चैनल वाले बता रहे थे। सुशांत के बैंक खातों की डिटेल से लेकर उनके अफेयर तक की जानकारी दी गई। कुछ चैनल वालों ने तो सुशांत केस के लिए अपनी एसआईटी ही बना ली। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं, तब चैनल वालों को अपने दर्शकों पर रहम करना चाहिए। जांच पड़ताल का थोड़ा बहुत काम तो सीबीआई को भी करने देना चाहिए। चैनल वाले निश्चित रहे। सुशांत की मैनेजर रही दिशा की आत्महत्या केस में यदि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मंत्री पुत्र आदित्य ठाकरे की कोई भूमिका होगी तो सीबीआई प्रभावी तरीके से जांच कर लेगी। सीबीआई की जांच सही दिशा में तभी जाएगी जब चैनल वाले अपनी जांच की रफ्तार को धीमा करेंगे। सीबीआई वाले तो सबूतों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाते हैं। माना कि चैनल वालों को मुम्बर्ई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं था, लेकिन अब तो सीबीआई जांच करेगी। चैनल वालों को सीबीआई की जांच पर भरोसा करना चाहिए। सुशांत के परिजन का भी दायित्व है कि वे उपलब्ध दस्तावेज मीडिया को देने के बजाए सीबीआई को दें। सीबीआई को दिए गए दस्तावेज काम भी आएंगे। सीबीआई निष्पक्ष जांच कर सके, इसके लिए सुशांत के परिजन को फिलहाल मीडिया से दूर रहना चाहिए।

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