- विदेशी तकनीक से तैयार प्लांट देश में गिने चुने प्लांटों में से एक है।
- अमूल से भी अच्छे उत्पाद तैयार होंगे।
- दूध उत्पादक और उपभोक्ता दोनों को फायदा होगा।
- डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी की मेहनत रंग लाई।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर्व के अवसर पर अजमेर डेयरी के नए प्लांट का शुभारंभ हो गया। इस प्लांट पर कोई 340 करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई है। अमरीका, जर्मनी, जापान, फ्रांस आदि देशों की तकनीक से बने इस प्लांट में अब प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग हो सकेगी। 22 अगस्त को प्लांट का शुभारंभ अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी और निर्माण करने वाली संस्था एनडीडीबी के विशेषज्ञ तालुकदार ने किया। डेयरी अध्यक्ष चौधरी ने बताया कि मौजूदा प्लांट की स्थापना 1985 की गई थी। पुरानी तकनीक का होने के कारण प्लांट के रख रखाव पर प्रतिवर्ष पांच करोड़ रुपए की राशि खर्च करनी पड़ रही थी। सरप्लस दूध का पाउडर दिल्ली, हरियाणा आदि में बनवाने पर प्रतिवर्ष 10 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो रही है। लेकिन अब नए प्लांट के शुरू होने पर 15 करोड़ रुपए सालाना की बचत हो जाएगी। मौजदूा प्लांट की क्षमता चार लाख लीटर प्रतिदिन की है, जबकि नए प्लांट में 10 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग हो सकेगी। दो माह बाद यह प्लांट पूरी क्षमता के अनुरूप काम करेगा, तब पुराने प्लांट में उत्पादन को घटाया जाएगा। पुराने प्लांट में सिर्फ गाय के दूध की प्रोसेसिंग होगी। चौधरी ने बताया कि एनसीडीसी से मात्र 164 करोड़ का लोन स्वीकृत हुआ है। ऐसी स्थिति में अजमेर डेयरी ने अपने संसाधनों से शेष 176 करोड़ रुपए जुटाए हैं। केन्द्र्र सरकार के अधीन काम करने वाले एनसीडीसी ने अभी 32 करोड़ रुपए का बकाया अनुदान भी नहीं दिया है, लेकिन इसके बावजूद भी डेयरी ने एनडीडीबी को अधिकांश राशि का भुगतान कर दिया है। अब मात्र 40 करोड़ रुपए बकाया है। चौधरी ने कहा कि नए प्लांट के शुरू होने से अजमेर के दुग्धउत्पादक और उपभोक्ता दोनों को लाभ मिलेगा। डेयरी अब पशु पालकों से पूरा दूध क्रय कर सकेगी। मौजूदा समय में दो लाख लीटर दूध ही प्रतिदिन लिया जा रहा है, लेकिन अब सभी पशुपालकों से डेयरी दूध ले लेगी। ऐसी स्थिति में गरीब पशुपालक प्राइवेट डेयरियों के शोषण के शिकार होने से बचेंगे। पशुपालक को डेयरी से उचित खरीद मूल्य प्राप्त होता है तथा दूध का नाम और फेट की मात्रा भी पारदर्शी तरीके से कम्प्यूटराइज्ड होती है। इसी प्रकार अब उपभोक्ताओं को भी उच्च गुणवत्ता वाला दूध तथा उससे बने उत्पादक मिलेंगे। चौधरीने कहा कि अजमेर डेयरी के उत्पादक अमूल से भी अच्छे होंगे। श्रीखंड, दही, पनीर, बटर, आईसक्रीम, छाछ, लस्सी, फ्लेवर्ड मिल्क आदि उत्पाद उपभोक्ताओं को मिलने लगेंगे। सभी उत्पादक अत्याधुनिक मशीनों पर तैयार होंगे और ऑटोमेटिक पैकेकिंग प्रणाली से पैक होंगे। कोरोना काल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। चौधरी ने स्वीकार किया कि एनडीडीबी से 164 करोड रुपए का जो लोन लिया है उस पर प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ रुपए का ब्याज चुकाना होगा। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की है कि अब जब नया प्लांट तैयार हो गया है, जब अनुदान का बकाया 32 करोड़ रुपए का तत्काल भुगतान करवाया जाए। अजमेर डेयरी का नया प्लांट देश के िगने चुने प्लांटों में से ऐ होगा।
चौधरी की मेहनत रंगलाई:
इसमें कोई दो राय नहीं कि अजमेर डेयरी के नए प्लांट के शुरू होने में अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजनीतिक उतार चढ़ाव के बाद भी चौधरी ने जिले के पशुपालकों के हितों का ख्यालरखा। 164 करोड़ रुपए के लोन के बाद 176 करोड़ रुपए जुटाने का कार्य कठिन था लेकिन चौधरी ने अपने अनुभव से यह कठिन कार्य भी किया । कुछ लोग राजनीतिक कारणों से चौधरी की आलोचना कर सकते हैं,लेकिन पशु पालकों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी गईहै। विपरीत परिस्थितियों में नए प्लांट का कार्य पूरा करवाया है। कांग्रेस भाजपा की रज्य सरकारों से तालमेल कर प्लांट के निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं आने दी। आलोचक कुछ भी कहे लेकिन पशुपालकों के हित में चौधरी ने बहुत बड़ा काम किया है। डेयरी के नए प्लांट से सबसे ज्यादा फायदा पशुपालकों को ही होगा। पशुपालकों के स्नेह और समर्थन की वजह से ही चौधरी गत 25 वर्षों से डेयरी के अध्यक्ष हैं। अजमेर के विकास में डेयरी का नया प्लांट मील का पत्थर साबित होगा।
इनका भी रहा सहयोग:
नए प्लांट के निर्माण में डेयरी के प्रबंध संचालक उमेश चंद व्यास, अधिकारी एसपी सिंह, लादूराम चौधरी, निरंजन माथुर, एलके रतरा, रामलाल चौधरी, अतुल सक्सेना, घोष पाराशर, के साथ साथ संचालक मडल के सदस्य छोगालाल चौधरी, दिनेश सिंह राठौड़, लादूराम जाट, कैलाश चंद शर्मा, रामपाल गुर्जर, हरिराम घायल, रिद्धकरण जाट, लालचंद गुर्जर, नंदराम जाट, गीतादेवी, डेयरी के पूर्व प्रबंध संचालक गुलाब भाटिया, विनोद कानूनगो आदि की भी सक्रिय भूमिका रही।







