नगर निगम ने तीन अवैध निर्माण सीज किए।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 27 अगस्त को अजमेर के कारोबारी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब हीरो फिनकॉर्प फाइनेंस कंपनी की टीम भारी पुलिस बल के साथ मदार गेट स्थित संचेती होटल को सीज करने के लिए पहुंच गई। कोई 25 से भी ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से शहर भर में हड़कम्प मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार होटल के मालिकों पर 2 करोड़ रुपए का लोन है, लोन चुकाने में होटल के मालिक डिफाल्टर भी हो चुके हैं। फाइनेंस कम्पनी ने वित्तीय कानून के अंतर्गत जिला कलेक्टर से भी सम्पत्ति का सीज करने के आदेश जारी करवा लिए। कलेक्टर के आदेश के अनुरूप ही पुलिस अधीक्षक ने भी पुलिस बल भेजने के आदेश कर दिए। इतनी तैयारी के बाद भी संचेती होटल सीज नहीं हो सकी। क्लॉक टावर के थानाधिकारी दिनेश कुमावत ने बताया कि होटल को लेकर मालिकों ने एडीजे कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले रखा है। भले ही यह स्टे ऑर्डर फाइनेंस कम्पनी पर लागू नहीं होता, लेकिन सीज करने की कार्यवाही से होटल के मालिकों के हितों पर प्रतिकूल असर पडऩे की आशंका थी। इसी प्रकार पुलिस के आदेश में भी होटल के पते में त्रुटि हो गई थी। इन तकनीकी कारणों से सीज की कार्यवाही नहीं हो पाई है। फाइनेंस कम्पनी के अधिकारी अब तकनीकी खामियों को दूर करवाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं होटल मालिक शेखर संचेती का कहना है कि सीज की कार्रवाई से पहले कंपनी की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। शेखर का यह भी कहना रहा कि वह लोन की राशि चुकाने को तैयार है।
अधिक ब्याज दर पर लोन :
व्यापारिक क्षेत्रों में चर्चा है कि हीरो फिनकॉर्प फाइनेंस कंपनी ने अधिक ब्याज दर पर संचेती होटल को लोन दिया है। ऐसी कई फाइनेंस कम्पनियां है जो अधिक ब्याज के लालच में मोटा लोन दे देती है, जबकि मौके पर सम्पत्ति की लागत स्वीकृत लोन की राशि के अनुरूप भी नहीं होती है। संचेती धर्मशाला को तोड़कर ही संचेती कॉम्पलेक्स और होटल का निर्माण किया गया था। कॉम्पलेक्स की अधिकांश दुकानों को बेचा जा चुका है। अब होटल की सम्पत्ति की कीमत बहुत कम रह गई है। कॉम्पलेक्स के निर्माण को लेकर भी नगर निगम ने मालिकों को नोटिस दे रखे हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार एडीजे कोर्ट ने निगम के विरूद्व ही स्टे ऑर्डर जारी किया है, लेकिन अब इस स्टे ऑर्डर का अप्रत्यक्ष तौर पर फाइनेंस कम्पनी को भी नुकसान हो रहा है।
तीन अवैध निर्माण सीज :
नगर निगम के उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि 27 अगस्त को तीन अवैध निर्माणों को सीज किया गया है। ऑदर्श नगर के बालूपुरा रोड स्थित निर्माणाधीन कॉम्पलेक्स का निर्माण स्वीकृत नक्शों के अनुरूप नहीं हो रहा है। कॉम्पलेक्स के मालिक सचिन चौहान और अंकुर चौहान को निर्माण रोकने के आदेश भी दिए गए थे। यह निर्माण दो आवासीय भूखण्डों को मिलाकर किया जा रहा है, निर्माण पूरी तरह स्वीकृत नक्शों के विपरीत है। इसी प्रकार ब्यावर रोड पुलिया के नीचे हाई सिक्योर पेस्ट कन्ट्रोल एंड कंस्ट्रक्शन के मालिक नवीन भाई द्वारा व्यवसायिक दुकान का निर्माण किया जा रहा है। एचएमटी के सामने न्यू ओवर ब्रिज के निकट भी लक्ष्मण द्वारा तीन दुकानों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इन तीनों अवैध निर्माणों को सीज किया गया है। सीज की कार्यवाही के समय सचिव पवन मीणा, एसेसर पुरूषोत्तम पंवार, एईएन रमेश चौधरी, पिंकी सिंघाडिय़ा, योगेश शेखावत, आरआई सत्यनारायण बोहरा आदि मौजूद रहे।







