राजस्थान सरकार भी कोरोना काल में बहुत मुश्किल से परीक्षाएं करवा रही है
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पूरक, बीएसटीसी के लिए होने वाले प्रवेश (प्री डीएलडी) तथा वन सहायक की सितम्बर में होने वाली परीक्षाओं पर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया है। गहलोत ने कहा कि मेरी सरकार भी इन परीक्षाओं को मुश्किल से करवा रही है। कोरोना काल की वजह से परीक्षा की तैयारियों में अनेक कठिनाई आ रही है, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार परीक्षा करवा रही है, लेकिन कोरोना काल में केन्द्र सरकार को जेईई और नीट की परीक्षा नहीं करवानी चाहिए। गहलोत ने कहा कि जेईई और नीट की परीक्षा के लिए विद्यार्थी बहुत मेहनत करते हैं, जरा सी लापरवाही की वजह से विद्यार्थियों का भविष्य चौपट हो सकता है। कोरोना काल में जब ट्रेनें बंद पड़ी है और कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति तब केन्द्र को परीक्षा की जिद्द नहीं करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में हो रही परीक्षाओं को लेकर सीएम गहलोत को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है, क्योंकि गहलोत देश के उन सात मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने जेईई और नीट की परीक्षा तीन माह टालने की मांग की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि गहलोत अपने प्रदेश में 8 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा कोरोना काल में ही कैसे करवा रहे हैं? जब राजस्थान में 8 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा हो सकती है, तब देशभर में 24 लाख अभ्यर्थी जेईई और नीट की परीक्षा क्यों नहीं दे सकते?







