चीन ने अब भारत को युद्ध की धमकी दी। यह पहला अवसर है जब भारत, चीन से मुकाबला करने को तैयार है।

  • लद्दाख सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण।
  • अजीत डोभाल ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – लद्दाख सीमा पर खासकर पैंगॉन्ग झील के आसपास भारत चीन के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे नाजुक हालातों के बीच ही एक सितम्बर को चीन ने भारत को युद्ध की धमकी दी है। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यदि भारत ने 1962 की गलती को दोहराया तो इस बार भारत चूर चूर हो जाएगा। चीन ने यह भी कहा कि उसने भारत की सीमा में एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया है और न ही वह उकसाने वाली कार्यवाही कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है, तो फिर चीन युद्ध की धमकी क्यों दे रहा है। असल में यह पहला अवसर है जब भारत, चीन के मुकाबले में खड़ा है। अब तक सीमा पर चीन ने जो नंगा नाच किया, उसे भारत देखता रहा। लेकिन अब सीमा खासकर लद्दाख की सीमा पर भारत भी चीन के मुकाबले में खड़ा है। भारत ने पहले चीन को गलवान घाटी से भगाया तो अब पैंगॉन्ग झील के आसपास कब्जे की कोशिश को नाकाम कर दिया। सैन्य सूत्रों के अनुसार 29 अगस्त की रात को चीनी सैनिक पैंगॉन्ग झील के आसपास देखे गए। तब पहाड़ी पर बैठे भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को सावधान किया। भारतीय सैनिकों के तेवर और तैयारियों को देखते हुए चीन के सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। यही वजह रही कि चीन के सैनिक भारतीय सीमा में घुसपैठ नहीं कर सके। यही बात अब चीन सरकार को बुरी लग रही है। चीन को यह मंजूर नहीं कि भारतीय सैनिक चुनौती दे, क्योंकि अब तक चीनी सैनिक सीमा पर घुसपैठ करते रहे थे। 29 अगस्त की रात को पैंगॉन्ग झील पर जो कुछ भी हुआ उससे चीन बौखलाया हुआ है। यही वजह है कि अब युद्ध की धमकी दी जा रही है। धमकी के मद्देनजर ही चीन ने अब पैंगॉन्ग झील के आसपास टेंक, बख्तरबंद वाहन आदि तैनात कर दिए हैं। हालांकि इस बार भारत की भी पूरी तैयारी है, लेकिन सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। चीन को यह भी पता है कि भारत के साथ अमरीका और यूरोप के अन्य देश भी खड़े हैं। यदि युद्ध होता है तो विश्व भर में प्रतिक्रिया होगी। कोरोना वायरस फैलाने की वजह से दुनिया भर में चीन के प्रति पहले ही गुस्सा है। भारत चीन के बीच यदि युद्ध होता है तो इसका असर समुंद्री सीमा पर भी पड़ेगा। पिछले दिनों गलवान घाटी में हुई झड़प में जहां भारत के बीस सैनिक शहीद हुए वहीं चीन के चालीस सैनिक मारे गए। सैनिकों की कब्रों के फोटो चीन ने एक दिन पहले ही जारी किए हैं।
उच्च स्तरीय बैठक:
लद्दाख सीमा पर टेंक, बख्तर बंद वाहन आदि के जमावड़े को देखते हुए भारत के रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 सितम्बर को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सीमा पर उत्पन्न ताजा हालातों पर विचार किया जा रहा है। यह बैठक चीन की युद्ध की धमकी के बाद बुलाई गई है।
देशभर में गुस्सा:
चीन ने अब युद्ध की जो धमकी दी है, उससे देशभर में गुस्सा है। चीन द्वारा फैलाए गए कोरोना वायरस से भारत का आम नागरिक भी दु:खी है। जब भारत के लोग देश के अंदर चीन के कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं, तब सीमा पर चीन युद्ध की धमकी दे रहा है।

 

 

 

 

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