- वाकई बहुत मुश्किल है लड़कियों के लिए फिल्मों में काम करना।
- ड्रग्स पेडलर जैद के पिता ने आजतक चैनल के रिपोर्ट को धक्के मार कर भगाया।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 2 सितम्बर को नयूज चैनलों पर दिनभर मुम्बई की मायानगरी में ड्रग्स कारोबार का मुद्दा छाया रहा। बहुचर्चित सुशांत सिंह राजपूत केस में भी अब ड्रग्स का एंगल सामने आया गया है। सुशांत केस से जुड़े सैमुअल मिरांडा, रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक चक्रवर्ती आदि के नाम ड्रग्स के मामले में भी आ गए हैं। नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जैद और बासित नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जैद और बासित जैसे अनेक युवा मुम्बई में फिल्मी हीरो, हिरोइनों को ड्रग्स सप्लाई का काम करते हैं। सुशांत और रिया चक्रवर्ती की लव स्टोरी में ड्रग्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ड्रग्स की वजह से ही उभरते हुए कलाकार सुशांत को मौत को गले लगाना पड़ा। सुशांत की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की, अब इसकी जांच तो पीछे रह गई है और माया नगरी में ड्रग्स का मामला ज्यादा तूल पकड़ रहा है। चैनलों पर प्रसारित खबरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि माया नगरी के हालात कैसे हैं? बहुत से माता-पिता अपनी लड़कियों को फिल्म स्टार बनाने का सपना देखते हैं, लेकिन ऐसे माता-पिता को अब फिल्म नगरी की दुर्दशा भी देख लेनी चाहिए। जो लड़कियां किसी न किसी तरीके से इस कारोबार से जुड़ी हैं, उनकी स्थिति भी अच्छी नहीं है। सुशांत की मैनेजर रही दिशा सानियाल की भी छत से गिरने से मौत हो गई। देखा जाए तो मुम्बई फिल्म उद्योग नशे में डूबा पड़ा है। बहुत कम युवक युवतियां होंगी जो बची हुई है। कोई माने या नहीं लेकिन यह सच्चाई है कि ग्लैमर से भरी मायानगरी में सांस लेना मुश्किल है। हमें पर्दे पर या टीवी पर सुहावना साफर नजर आता है, लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई देखनी हो तो सुशांत केस को समझा जा सकता है। जो रिया चक्रवर्ती सुशांत के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी, उसी रिया के भाई शोविक पर ड्रग्स खरीदने का आरोप है। अंदाजा लगाया जा सकता कि मुम्बई के हालात कैसे होंगे? यदि हालात अच्छे होते तो सुशांत की इस तरह मौत नहीं होती।
रिपोर्ट को धक्के देकर भगाया:
एनसीबी ने ड्रग्स कारोबार के आरोप जैद और बासित नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दो सितम्बर को आज तक न्यूज चैनल का रिपोर्टर अरविंद मुम्बई के जैद के निवास पर पहुंचा। यहां जैद के पिता ने रिपोर्टर को धक्के मारे और सीढिय़ों से नीचे ढकेलते हुए भद्दी गालियां दी। धमकी दी कि दोबारा यहां आया तो परिणाम बुरे होंगे। आज तक जैसे न्यूज चैनल के रिपोर्टर की स्थिति को देखकर ड्रग्स के कारोबार से जुड़े लोगों के होंसलों का अंदाजा लगाया जा सकता है। पिता को इस बात की कोई चिंता नहीं थी कि उसका बेटा ड्रग्स के कारोबार में गिरफ्तार हो चुका है। जब आजताक जैसे बड़े न्यूज चैनल के रिपोर्टर का यह हालत है तो जिला स्तर पर पत्रकारिता करने वाले पत्रकार अपनी स्थिति को समझ लें। देखना है कि आजतक के साथ हुई, इस बदसलूकी पर महाराष्ट्र सरकार क्या करती है?







