कथा वाचक संत आसाराम पर लिखी पुस्तक गनिंग फॉर द गॉडमैन पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रोक लगाई। पुस्तक के प्रकाशक अब हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

पुस्तक को जयुपर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लाम्बा ने लिखा है। पुस्तक का वर्चुअल विमोचन 5 सितम्बर को होना था।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 5 सितम्बर को कथावाचक संत आसाराम पर लिखी पुस्तक गनिंग फॉर द गॉडमैन का वर्चुअल विमोचन नहीं हो सका है। पुस्तक के लेखक और जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लाम्बा ने बताया कि 4 सितम्बर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पुस्तक के प्रकाशन पर रोक लगा दी है। यह रोक आसाराम की सहयोगी रही शिल्पा की याचिका पर लगाई है। शिल्पा की ओर से कहा गया कि उनकी अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, इसलिए यह पुस्तक विपरीत प्रभाव डालेगी। लाम्बा ने बताया कि कोर्ट की रोक के बाद ही 5 सितम्बर को पुस्तक का विमोचन नहीं हो सका। अब इस मामले में पुस्तक के प्रकाशक की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की जाएगी। मालूम हो कि वर्ष 2013 में जब बलात्कार के आरोप में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था, तब लाम्बा जोधपुर के पुलिस अधीक्षक थे। केस की जांच पड़ताल में लाम्बा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपने अनुभवों के आधार पर ही लाम्बा ने आसाराम पर पुस्तक लिखी है। पुस्तक को लिखने से पहले लाम्बा ने राज्य सरकार से विधिवत अनुमति भी ली है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नाबालिग से बलात्कार के प्रकरण में आसाराम इन दिनों जोधपुर की जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं।
पुस्तक को लेकर समर्थकों में नाराजगी:
आसाराम को केन्द्रित कर लिखी गई पुस्तक गनिंग फॉर द गॉडमैन को लेकर आसाराम के समर्थकों में नाराजगी है। समर्थकों का कहना है कि यह आसाराम की छवि बिगाड़ने का प्रयास है। आज भी लाखों लोग आसाराम के प्रति श्रद्धा रखते हैं। एक षडयंत्र के तहत संत आसाराम को फँसाया गया है। भले ही कोर्ट ने सजा दे दी हो, लेकिन श्रद्धा वान लोग आज भी आसाराम को निर्दोष मानते हैं।

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