- 43वें जन्मदिन पर 43 हजार यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य।
- 7 सितम्बर को पायलट वीडियो कॉन्फ्रेंस से करेंगे कार्यकर्ताओं को संबोधित।
- अजमेर में विधानसभा वार लगेंगे शिविर।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान भर में सात सितम्बर को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट का 43वां जन्मदिन मनाने जा रहा है। चूंकि अभी कोरोना काल चल रहा है, इसलिए पायलट का जन्मदिन रक्त दान कर मनाया जा रहा है। पायलट का कहना है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को रक्त की जरुरत रहती है, इसलिए उनके समर्थक रक्त दान कर रहे हैं। एकत्रित रक्त सरकारी अस्पतालों में ही दिया जाएगा ताकि ज़रूरतमंदों के काम आ सके। पायलट ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक रक्त दान करने की अपील की है। हालांकि पायलट की ओर से कोई लक्ष्य तो नहीं रखा है, लेकिन समर्थक चाहते हैं कि 43वें जन्मदिन पर 43 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया जाए और यह रक्त उन्हीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दिया जाए, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर सचिन पायलट को गद्दार, मक्कार, धोखेबाज़, नकारा और बेशर्मा तक कहा। समर्थक और कांग्रेस के कार्यकर्ता यह बताना चाहते हैं कि सचिन पायलट कितने वफादार, लोकप्रिय मेहनती और कर्मठ नेता है। हालांकि गोविंद सिंह डोटासरा ने अध्यक्ष बनते ही पायलट वाली प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी तथा जिला संगठनों को भी भंग कर दिया था। लेकिन अब पायलट के समर्थक जिला कमेटी के बैनर तले ही रक्तदान शिविर लगा रहे हैं। इससे उन नेताओ को मुंह छिपाना पड़ रहा है, जिन्होंने पायलट के हटने के बाद सत्ता के लालच में पाला बदल लिया था। हालांकि अभी भी जिला और ब्लॉक स्तर पर पायलट समर्थकों की कमी नहीं है। हालांकि एक तरह से यह पायलट का शक्ति परीक्षण ही है। पायलट यह दिखाना चाहते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम का पद छीनने के बाद भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में उनकी लोकप्रियता बनी हुई है। लेकिन कांग्रेस आला कमान के सामने गलत संदेश न जाए, इसलिए रक्तदान शिविर के पोस्टरों में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अजय माकन के फोटो के साथ साथ सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के फोटो भी लगाए गए हैं। 7 सितम्बर को रक्तदान शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए पायलट स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंस से संवाद करेंगे। जन्मदिन के अवसर पर पायलट कांग्रेस को मजबूत बनाने वाला संदेश भी प्रसारित करेंगे। कोई 20 वर्ष में यह पहला अवसर होगा, जब पायलट किसी पद पर नहीं रहते हुए जन्मदिन मना रहे हैं। 43वर्ष की उम्र में पायलट 10 वर्ष तक सांसद रहे तथा फिर 7 वर्ष तक लगातार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। दो माह पहले तक पायलट प्रदेशाध्यक्ष के साथ साथ डिप्टी सीएम भी थे। वर्ष 2019 के जन्मदिन के समय जयुपर में जबर्दस्त भीड़ जमा हुई थी। तब रघु शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास जैसे मंत्री कतार में खड़े होकर पायलट से मिलते थे।
अजमेर में सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगेंगे शिविर:
अजमेर जिले के आठों विधानसभा क्षेत्रों में पायलट के जन्मदिन के अवसर पर 7 सितम्बर को रक्त दान शिविर लगाए जाएंगे। पायलट अजमेर से दो बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, इसलिए अजमेर का खास महत्व है। यह बात अलग है कि प्रदेश अध्यक्ष रहते अजमेर के जिन नेताओं को पायलट ने आगे बढ़ाया उनमें से अधिकांश अब मुंह छिपा रहे हैं। लेकिन रक्त दान को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश की कमी नहीं है। अजमेर शहर में तो तीन स्थानों पर रक्त दान शिविर लग रहे हैं। गत विधानसभा चुनाव में अजमेर दक्षिण से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे बीड़ी उद्योगपति हेमंत भाटी शिविर को सफल बनाने में अपना पूरी टीम के साथ लगे हुए हैं। इसी प्रकार निवर्तमान शहर अध्यक्ष विजय जैन भी शास्त्री नगर स्थित भारत हॉस्पिटल में लगने वाले शिविर को सफल बना रहे हैं। एडवोकेट हरि सिंह गुर्जर भी एमडीएस यूनिवर्सिटी में शिविर लगा रहे हैं। नसीराबाद में पूर्व विधायक राम नारायण गुर्जर, किशनगढ़ में राजेन्द्र गुप्ता, बिजयनगर में विधायक राकेश पारीक, ब्यावर में पारस पंच, केकड़ी में सांवरलाल गुर्जर शिविर को सफल बनाने में सक्रिय हैं। केकड़ी का महत्व इसलिए भी हैं कि यहां से प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा विधायक हैं। रघु शर्मा का एक भी समर्थक पायलट के जन्मदिन के समारोह में सक्रिय नहीं है, फिर भी केकड़ी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है।







